
बिहार में सड़क सुरक्षा को बड़ा बूस्ट: 38 जिलों में 26 हजार से ज्यादा जेब्रा क्रॉसिंग तैयार
पटना, 11 अप्रैल: बिहार में ग्रामीण सड़कों पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के सभी 38 जिलों में अब तक 26,031 जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण पूरा कर लिया गया है। यह पहल खासतौर पर स्कूल, अस्पताल और भीड़भाड़ वाले इलाकों के पास सड़क पार करने को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से की गई है।
ग्रामीण कार्य विभाग के मुताबिक, यह अभियान सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार चलाया जा रहा है। जरूरत के हिसाब से अलग-अलग जगहों पर नई जेब्रा क्रॉसिंग बनाई जा रही हैं और पुरानी व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है।
🚸 स्कूल और अस्पताल के पास खास फोकस
सरकार ने उन जगहों को प्राथमिकता दी है, जहां पैदल आवाजाही ज्यादा होती है—
- स्कूल और कॉलेज
- अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र
- बाजार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र
इससे बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों के लिए सड़क पार करना अब पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा।
⚠️ दुर्घटना संभावित जगहों पर खास इंतजाम
सिर्फ जेब्रा क्रॉसिंग ही नहीं, बल्कि—
- रम्बल स्ट्रिप (स्पीड ब्रेकर जैसी लाइनें)
- गति नियंत्रण के उपाय
भी लगाए जा रहे हैं, ताकि तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लग सके और हादसों को कम किया जा सके।
🔍 गुणवत्ता पर भी नजर
विभाग द्वारा बनाए गए सभी जेब्रा क्रॉसिंग का नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग भी की जा रही है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि—
- काम की गुणवत्ता बनी रहे
- लंबे समय तक उपयोग में कोई दिक्कत न हो
📌 निष्कर्ष
बिहार सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को नई दिशा दे रही है।
जेब्रा क्रॉसिंग, रम्बल स्ट्रिप और लगातार मॉनिटरिंग के जरिए अब गांवों में भी सुरक्षित और सुगम यातायात का माहौल तैयार किया जा रहा है।
आने वाले समय में ऐसे और कदम उठाए जाने की संभावना है, जिससे सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।



