रांची: झारखंड के CM Hemant Soren ने राज्य के आगामी बजट को जन-केंद्रित और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री ने आज “अबुआ दिशोम बजट पोर्टल तथा मोबाइल ऐप” का भव्य शुभारंभ किया। इस प्लेटफॉर्म के जरिए राज्य की आम जनता और विशेषज्ञ सीधे सरकार को बजट निर्माण के लिए अपने सुझाव भेज सकेंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए साझा करें अपना विजन
राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री का मानना है कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि जनता की आशाओं का प्रतिबिंब होना चाहिए। पोर्टल और ऐप की मुख्य विशेषताएं:
- सीधी भागीदारी: राज्य का कोई भी नागरिक घर बैठे अपने सुझाव दे सकता है।
- विशेषज्ञों का परामर्श: शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग जगत के विशेषज्ञ अपने तकनीकी सुझाव साझा कर सकेंगे।
- पारदर्शिता: जनता की राय को बजट में शामिल करने से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।
- उपलब्धता: यह सेवा वेब पोर्टल और एंड्रॉइड मोबाइल ऐप, दोनों माध्यमों पर उपलब्ध है।
’अबुआ बजट’ (हमारा बजट): मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि झारखंड की विकास यात्रा में हर व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है। ‘अबुआ दिशोम बजट’ के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि गांव, गरीब, किसान और युवाओं की जरूरतें बजट के केंद्र में हों। उन्होंने राज्य के प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की कि वे इस डिजिटल माध्यम का उपयोग कर राज्य के नवनिर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
कैसे दे सकते हैं सुझाव?
- वेब पोर्टल: आधिकारिक ‘अबुआ दिशोम बजट पोर्टल’ पर जाकर पंजीकरण करें।
- मोबाइल ऐप: प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड कर अपना सुझाव दर्ज करें।
- विषय चयन: शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, खेल या रोजगार जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर अपने विचार साझा करें।



