
पटना। Bihar Election : बिहार में चल रहे मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण अभियान (Special Intensive Revision – SIR 2025) के तहत अब तक 55 लाख से अधिक मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से हटाया जाना तय हो गया है।
चुनाव आयोग ने बुधवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी, साथ ही यह भी बताया कि 1 लाख से अधिक मतदाताओं से कोई संपर्क नहीं हो सका है, जिन्हें ‘लापता’ की श्रेणी में रखा गया है।
Bihar Election 2025: कौन हैं ये 55 लाख वोटर?
चुनाव आयोग के अनुसार, 55 लाख नाम हटाने का निर्णय विभिन्न कारणों से लिया गया है:
- 20 लाख वोटर ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
- 28 लाख मतदाता स्थायी रूप से बिहार से बाहर शिफ्ट हो चुके हैं।
- 7 लाख वोटर दो जगहों पर दर्ज पाए गए हैं, यानी उनका नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में है।
इन सभी को वोटर लिस्ट से हटाया जाएगा, ताकि सूची अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके।
Bihar Election 2025: एक लाख ‘लापता’ मतदाता
चुनाव आयोग ने यह भी खुलासा किया कि 1 लाख से अधिक मतदाता ऐसे हैं जिनसे संपर्क नहीं हो सका है। ये मतदाता अपने रजिस्टर्ड पते पर नहीं मिले और बीएलओ (Booth Level Officer) द्वारा उनसे संपर्क के प्रयास विफल रहे हैं। आयोग ने कहा है कि इनका सत्यापन अब भी लंबित है और प्रयास जारी हैं।
Bihar Election 2025: कवरेज और आंकड़े
- कुल 7.89 करोड़ मतदाताओं में से 98.01% का सत्यापन 23 जुलाई तक पूरा हो चुका है।
- अब तक 7.17 करोड़ मतदाताओं के गणना फॉर्म आयोग को प्राप्त हो चुके हैं और वे ऑनलाइन अपलोड भी कर दिए गए हैं।
- अभियान की अंतिम तिथि 25 जुलाई निर्धारित है।
आयोग की अपील
चुनाव आयोग ने बिहार से बाहर रह रहे अस्थायी मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे अपना गणना फॉर्म ECI की आधिकारिक वेबसाइट या ECI नेट मोबाइल ऐप के माध्यम से भरें। इसके बाद वे फॉर्म का प्रिंट निकालकर या स्कैन कॉपी बीएलओ को व्हाट्सएप के जरिए भेज सकते हैं।
“कोई वैध मतदाता बाहर नहीं होगा और कोई अवैध मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा,” आयोग ने यह भी आश्वासन दिया।



