
झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता Champai Soren को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया है।
इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत में तूफान खड़ा हो गया है। समर्थकों में नाराज़गी है और विपक्ष ने भी इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।
Champai Soren हाउस अरेस्ट की वजह, प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की दलील
मिली जानकारी के अनुसार, चंपई सोरेन पर हाल के दिनों में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और जनसभाओं के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप लगाए गए थे। प्रशासन ने सुरक्षा और शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। पुलिस का कहना है कि यह कदम “कानून व्यवस्था बनाए रखने” के लिए उठाया गया है।
Champai Soren का बयान, सरकार राजनीतिक दबाव में उठा रही है कदम
हाउस अरेस्ट के बाद चंपई सोरेन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से “राजनीतिक दबाव” में की गई है। उन्होंने कहा “मैंने हमेशा जनता की आवाज़ उठाई है। आज मुझे घर में बंद कर दिया गया, लेकिन मेरी आवाज़ को कोई दबा नहीं सकता।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रही है।
Champai Soren के समर्थकों का गुस्सा, आवास के बाहर जुटे कार्यकर्ता और नारेबाज़ी शुरू
चंपई सोरेन को हाउस अरेस्ट किए जाने की खबर जैसे ही फैली, बड़ी संख्या में उनके समर्थक उनके आवास के बाहर जुटने लगे। समर्थकों ने प्रशासन के इस कदम को लोकतंत्र की हत्या बताया और नारेबाज़ी शुरू कर दी। पुलिस ने हालात को देखते हुए मौके पर सुरक्षा बढ़ा दी है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया, लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया गया फैसला
राज्य के विपक्षी दलों ने भी इस कार्रवाई की आलोचना की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार “डरी हुई” है और विपक्षी नेताओं की आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने भी ट्वीट कर कहा कि यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और जनता इसका जवाब देगी।
राजनीतिक असर, चुनाव से पहले राज्य में और गरमा सकती है सियासत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झारखंड में आने वाले चुनावों से पहले इस तरह की घटनाएं राजनीतिक माहौल को और गरमा देंगी। चंपई सोरेन झामुमो के बड़े आदिवासी चेहरे माने जाते हैं और उनकी लोकप्रियता को देखते हुए विपक्ष का यह मुद्दा चुनावी बहस में बड़ा रंग ले सकता है।
भविष्य की स्थिति, कब तक रहेंगे नजरबंद, प्रशासन ने दिया संकेत
फिलहाल पुलिस प्रशासन का कहना है कि हालात सामान्य होने तक चंपई सोरेन घर में ही रहेंगे और उनकी गतिविधियों पर नज़र रखी जाएगी। लेकिन इस बीच झारखंड की राजनीति में इस हाउस अरेस्ट ने गर्मी बढ़ा दी है।
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