रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर तीखा प्रहार किया है। JMM के केंद्रीय महासचिव Vinod Pandey ने कहा कि भाजपा नेताओं के बयान उनकी हताशा और राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि झामुमो सरकार संवेदनशील है और कानून के राज में विश्वास रखती है।
प्रेस बयान :
————भाजपा नेता बताएं वे कानून के राज के पक्ष में हैं या अवैध कब्जे के :
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान हताशा और राजनीतिक अवसरवाद का परिचायक है। जब भाजपा सत्ता में थी, तब झारखंड की जनता के कष्ट और आपदाओं पर उनकी सरकार आंख मूंदे बैठी थी, आज वही… pic.twitter.com/ho2i6OSb7h
— Vinod Kumar Pandey (@VinodPandeyJMM) December 22, 2025
कानून और न्यायालय का सम्मान सर्वोपरि: Vinod Pandey
विनोद पांडेय ने भाजपा से सीधा सवाल करते हुए पूछा कि वे यह साफ करें कि वे संविधान और कानून के पक्ष में हैं या अवैध कब्जे के साथ खड़े हैं? उन्होंने कहा:
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न्यायालय का आदेश: सरकार न्यायालय के निर्देशों का पालन कर रही है और कानून का सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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मुआवजा और नियम: मुआवजे का फैसला नियमों के तहत होता है, न कि राजनीतिक दबाव में। भाजपा अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार को राजनीतिक संरक्षण देना चाहती है।
अधिकारियों और बिल्डरों पर होगी सख्त कार्रवाई: Vinod Pandey
भाजपा द्वारा अफसरों और बिल्डरों को लेकर की जा रही बयानबाजी पर पांडेय ने कहा कि विपक्ष असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। सरकार किसी भी दोषी को नहीं बख्शेगी, चाहे वह अफसर हो, बिल्डर हो या किसी दल से जुड़ा व्यक्ति। जांच और कार्रवाई में कोई अड़चन नहीं आने दी जाएगी।
आदिवासियों के हक पर घेरा
पेसा (PESA) कानून और आदिवासी अधिकारों का जिक्र करते हुए पांडेय ने भाजपा के इतिहास पर सवाल उठाए:
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उन्होंने कहा कि जिन्होंने वर्षों तक आदिवासियों के अधिकारों को दबाया, वे आज दिखावटी चिंता जता रहे हैं।
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झामुमो सरकार ने पेसा सहित आदिवासी हितों के कानूनों को लागू करने के लिए ठोस प्रयास किए हैं, जिनके परिणाम जल्द ही जनता के सामने होंगे।
भाजपा को आत्ममंथन की सलाह
विनोद पांडेय ने अंत में कहा कि भाजपा को जनता को गुमराह करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब भाजपा सत्ता में थी, तब जनता के कष्टों पर आंखें मूंद ली गई थीं और आज वे सिर्फ ‘राजनीतिक रोटियां’ सेंकने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं।



