राँची | Vinod Panday: झारखंड विधानसभा में बजट पेश होने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। भाजपा द्वारा बजट की आलोचना किए जाने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने कड़ा रुख अपनाया है।
प्रेस बयान :
भाजपा के पास न तो गांवों के विकास का कोई विजन है और न ही महिलाओं के सशक्तिकरण का कोई ठोस खाका :
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार, भ्रामक और राजनीतिक हताशा का परिणाम।
जिस बजट को भाजपा “दिशाहीन” और “रंगहीन” बता रही है, उसी बजट… pic.twitter.com/kZDrEzb8i4
— Vinod Kumar Pandey (@VinodPandeyJMM) February 24, 2026
पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आरोपों को ‘राजनीतिक हताशा’ का परिणाम बताते हुए इसे पूरी तरह निराधार और भ्रामक करार दिया है।
भाजपा को लूट इसलिए दिख रही क्योंकि बिचौलिए खत्म हुए: Vinod Panday
विनोद पांडेय ने भाजपा पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्ष को जनहितकारी योजनाओं में “लूट” केवल इसलिए दिखाई दे रही है क्योंकि वर्तमान सरकार ने बिचौलियों की भूमिका खत्म कर दी है।
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डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर: उन्होंने कहा कि चाहे धान खरीद हो, छात्रवृत्ति, पेंशन या गैस सिलेंडर का मुद्दा—सरकार सीधे जनता को सशक्त कर रही है। सामाजिक सुरक्षा और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) को इस बजट में अभूतपूर्व मजबूती दी गई है।
बजट के 5 बड़े और ‘ठोस’ पक्ष
झामुमो महासचिव ने आंकड़ों के जरिए बताया कि बजट “दिशाहीन” नहीं, बल्कि झारखंड के भविष्य का रोडमैप है:
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महिला एवं बाल कल्याण: महिला सशक्तिकरण के लिए ₹34,211 करोड़ का जेंडर बजट और बच्चों के कल्याण के लिए ₹10,793 करोड़ का बाल बजट।
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रोजगार का सृजन: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के माध्यम से ₹1.24 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों से राज्य में लगभग 45 हजार नए रोजगार पैदा होंगे।
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ग्रामीण बुनियादी ढांचा: ग्रामीण सड़कों के लिए ₹1,000 करोड़ और ‘मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना’ के तहत पुलों के लिए ₹730 करोड़ का प्रावधान।
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पर्यटन को नई पहचान: दशम, जोन्हा और हुंडरू जैसे जलप्रपातों के साथ प्रमुख पर्यटन स्थलों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास।
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विकेंद्रीकृत विकास: स्थानीय निकायों को पहली बार ₹1,172.66 करोड़ का अनुदान देकर पंचायतों और नगरों को आर्थिक रूप से सशक्त किया गया है।
भाजपा पर विजन की कमी: Vinod Panday
श्री पांडेय ने कहा कि भाजपा के पास गांवों के विकास या महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस वैकल्पिक योजना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र की सहायता और राज्य के अपने संसाधनों का संतुलित उपयोग ही इस बजट की मूल भावना है।
झामुमो महासचिव ने विश्वास जताया कि यह बजट झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने और एक समतामूलक विकास के नए युग की ओर ले जाएगा। उन्होंने भाजपा को तथ्यहीन आरोप लगाकर जनता को गुमराह न करने की चेतावनी भी दी।



