
Ranchi: BJP के वरिष्ठ नेता,स्वैच्छिक सेवा निवृत आईपीएस अधिकारी डॉ Arun Oraon ने आज राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा। डॉ उरांव आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
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झारखंड के ब्यूरोक्रेसी रूपी स्टील फ्रेम में जंग लग गया – डॉ अरुण उरांव ! https://t.co/1JuZSNnAcV— 1st report live (@firstreportlive) October 12, 2023
झारखंड को हमारे पुरखों ने खून पसीना से सींचा है: Arun Oraon
उन्होंने कहा कि राज्य के कई वरीय पदाधिकारी आज भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। ईडी ने पर्याप्त प्रमाण एवम सबूतों के साथ सरकार को पत्र लिखा है। झारखंड को हमारे पुरखों ने खून पसीना से सींचा है।यह राज्य पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेई की देन है लेकिन आज जिस प्रकार से वर्तमान राज्य सरकार ने इसे भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा दिया है उससे चिंता होती है। जिन पदाधिकारियों की जिम्मेवारी राज्य को सजाने और संवारने की थी वे आज लूट भ्रष्टाचार में शामिल हो चुके हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
करेक्ट एंड स्टिक की पॉलिसी अपनाई जानी चाहिए: Arun Oraon
कहा कि इन बातों से दुखी होकर मैंने राज्य के सबसे बड़े पदाधिकारी मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। ब्यूरोक्रेसी राज्य की स्टील फ्रेम होती है लेकिन आज उसमे ही जंग लग गया है।राज्य को दीमक की तरह ये ब्यूरोक्रेसी खाने में जुटी है। राज्य के कई ऐसे शीर्ष पदाधिकारियों के नाम अखबारों में आए भी हैं। करेक्ट एंड स्टिक की पॉलिसी अपनाई जानी चाहिए। को ईमानदार हैं,काम करते हैं उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और जो भ्रष्ट हैं उन्हे उचित दंड भी मिलना चाहिए लेकिन यहां ऐसा नही हो रहा।
बावजूद इसके सरकार चुप्पी साधे बैठी है: Arun Oraon
उन्होंने कहा कि आरोपी अधियारियोँ के खिलाफ ईडी ने परिश्रम कर के साक्ष्य इकट्ठे किए और राज्य सरकार को शेयर किया है जैसा कि अपराध नियंत्रण की धारा 6(2) ऐसा निर्देश ईडी को प्राप्त है। जिस पर शीघ्र कारवाई की जिम्मेवारी सरकार की बनती है। बावजूद इसके सरकार चुप्पी साधे बैठी है। इससे राज्य का बड़ा नुकसान हो रहा साथ ही भ्रष्ट अधिकारियों और उनके मातहत लोगो का मन भी बढ़ रहा।

सही मेसेज नीचे तक नही जा रहा है: Arun Oraon
उन्होंने कहा कि आज राज्य में काम करने वाले ईमानदार और विकास चाहने वाले अधिकारी हाशिए पर हैं। राज्य सरकार को अलग अलग विभागों में प्रभावी पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होते देख अच्छे पदाधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए। यह राज्य सरकार उसे तरजीह दे रही जो पैसा इकट्ठा करने और ऊपर तक पहुंचाने में माहिर हैं।
कहा कि यह राज्य केलिए बेहतर कदम नहीं है इसीलिए पत्र लिखकर आग्रह किया है। सही मेसेज नीचे तक नही जा रहा है।
अगर आरोप झूठा निकले तो कैसे खत्म करें: Arun Oraon
उन्होंने कहा कि ब्यूरोक्रेसी ऐसा घोड़ा है जो अपने सवार को तुरंत पहचान लेता है। अभी राज्य सरकार ने कुछ घोड़ों को चरने की छूट दे रखी है। जितना चर सकते हो चरो और ऊपर तक पहुंचाओ। पुलिस को उच्चतम न्यायालय के निर्णय में यह निर्देश प्राप्त है कि अपराध संज्ञान में आते ही मुकदमा दर्ज होने की पहली कारवाई तुरंत होनी चाहिए।और जांच कर चार्जशीट। अगर आरोप झूठा निकले तो कैसे खत्म करें।
कहा कि राज्य सरकार तो पहला चरण की शुरुआत ही नही कर रही। इस पहले पड़ाव के नही पूरा करने से राज्य का हित प्रभावित हो रहा। पत्र के माध्यम से मुख्य सचिव को आवश्यक कारवाई का अनुरोध किया है। आज की प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी उपस्थित रहे।



