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Bihar News: बिहार में CM की कुर्सी का ‘सस्पेंस’ गहराया: संजय झा और ललन सिंह के बयानों में विरोधाभास, कौन होगा नीतीश का उत्तराधिकारी?

Bihar News: बिहार की राजनीति इस वक्त एक बड़े ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद अब सबकी नजरें इस सवाल पर टिकी हैं कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? हालांकि, इस महत्वपूर्ण सवाल पर खुद जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर से अलग-अलग सुर निकलकर सामने आ रहे हैं, जिसने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।

संजय झा बनाम ललन सिंह: बयानों की जंग: Bihar News

जदयू के दो दिग्गज नेताओं के बयानों ने मुख्यमंत्री चयन की प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है. संजय झा (कार्यकारी अध्यक्ष): शनिवार को उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला एनडीए (NDA) का शीर्ष नेतृत्व (दिल्ली) मिलकर करेगा। उनके इस बयान को भाजपा की बढ़ती भूमिका के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

ललन सिंह (केंद्रीय मंत्री): ठीक इसके विपरीत, 6 मार्च को ललन सिंह ने दावा किया था कि अगला सीएम कौन होगा, यह खुद नीतीश कुमार ही तय करेंगे। उन्होंने जोर दिया था कि बिहार का हर फैसला नीतीश की मर्जी से ही होगा।

क्या बिहार को मिलेगा पहला भाजपाई मुख्यमंत्री?: Bihar News

नीतीश कुमार के इस्तीफे की संभावनाओं के बीच यह चर्चा तेज है कि इस बार सीएम की कुर्सी भारतीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में जा सकती है। 2005 के बाद यह पहला मौका होगा जब भाजपा राज्य में बड़े भाई की भूमिका में नेतृत्व संभाल सकती है।

सीएम की रेस में चर्चित नाम:

सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम)

नित्यानंद राय (केंद्रीय मंत्री)

दिलीप जायसवाल / मंगल पांडेय (बिहार सरकार में मंत्री)

निशांत कुमार (नीतीश कुमार के बेटे – हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है)

चौंकाने वाला फैसला? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजस्थान और मध्य प्रदेश की तर्ज पर भाजपा बिहार में भी किसी ‘अनजान चेहरे’ को सामने लाकर सबको चौंका सकती है।

नीतीश का ‘दिल्ली प्लान’ और विधायकों को संदेश: Bihar News

नीतीश कुमार ने 5 मार्च को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया था। 16 मार्च को मतदान के बाद वे संसद के ऊपरी सदन का हिस्सा बन जाएंगे। उन्होंने हाल ही में विधायक दल की बैठक में साफ कहा था “मैं भले दिल्ली (राज्यसभा) जा रहा हूँ, लेकिन बिहार से मेरा जुड़ाव हमेशा रहेगा। मैं नई सरकार को निर्देशित करता रहूँगा।”

16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी। संजय झा के बयान से यह संकेत मिलता है कि इस बार गठबंधन में भाजपा का पलड़ा भारी रहने वाला है। अब देखना यह है कि नीतीश कुमार अपनी पसंद का उत्तराधिकारी छोड़कर जाते हैं या भाजपा अपने ‘मिशन बिहार’ के तहत नया चेहरा पेश करती है।

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