पटना: बिहार विधान मंडल के बजट सत्र के पहले दिन एनडीए विधायक दल की बैठक में CM Nitish Kumar ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने जनता दल यूनाइटेड (JDU), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य सहयोगी दलों के विधायकों को स्पष्ट नसीहत दी है कि भले ही सरकार के पास भारी बहुमत है, लेकिन इसे “हल्के में लेने” की गलती न करें।
एकीकृत ताकत दिखाने की अपील
पटना स्थित विधान मंडल के विस्तारित भवन में आयोजित इस बैठक में सीएम नीतीश ने विधायकों से सदन के भीतर अनुशासन और एकजुटता बनाए रखने को कहा। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
- उपस्थिति अनिवार्य: मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि सरकार के जवाब के समय सभी विधायकों की उपस्थिति सुनिश्चित होनी चाहिए।
- व्हिप का पालन: विधायकों को याद दिलाया गया कि उन पर व्हिप जारी है, इसलिए सदन के अंदर सरकार की सामूहिक ताकत के रूप में खड़ा रहना अनिवार्य है।
- जनता की आवाज: सीएम ने विधायकों को प्रोत्साहित किया कि वे सदन में जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार इन समस्याओं को गंभीरता से लेगी और उनका समुचित निदान करेगी।
बिहार को ‘टॉप’ राज्यों में ले जाने का संकल्प
बैठक के दौरान नीतीश कुमार ने नई सरकार के गठन और बहुमत साबित करने के लिए विधायकों और जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार अब विकास की पटरी पर और तेजी से दौड़ेगा। जल्द ही बिहार देश के अग्रणी (Top) राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा। “बहुमत की सरकार है तो इससे सदन में निश्चिंत न हों। सदन के अंदर हर हाल में उपस्थित रहना है और सभी सहयोगी दलों की एकजुटता स्पष्ट दिखनी चाहिए।” – नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री
गठबंधन की एकजुटता
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मीडिया को बताया कि एनडीए के सभी घटक दल- जदयू, भाजपा, लोजपा (रामविलास), हम (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा पूरी तरह एकजुट हैं। विपक्ष के हर वार का जवाब देने के लिए रणनीति तैयार कर ली गई है।



