रांची: राजधानी रांची से लापता हुए दो मासूमों, अंश और अंशिका के रामगढ़ से सकुशल बरामद होने पर पूरे झारखंड ने राहत की सांस ली है। इस खुशी के माहौल में आजसू (AJSU) पार्टी प्रमुख Sudesh Mahto ने उन दो जांबाज युवकों को सम्मानित करने का ऐलान किया है, जिनकी सूझबूझ से बच्चे अपने घर लौट सके।
सचिन और डब्लू की सूझबूझ ने किया कमाल
आजसू के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के ‘असली नायक’ रजरप्पा क्षेत्र के दो युवक सचिन साहू और डब्लू हैं। इन दोनों ने रामगढ़ के चितरपुर इलाके में बच्चों को देखा। उन्होंने हड़बड़ी दिखाने के बजाय सूझबूझ से काम लिया— पहले चुपचाप बच्चों की फोटो खींची, परिजनों से उसकी पुष्टि की और फिर पुलिस को सटीक सूचना दी। सुदेश महतो ने कहा कि पुलिस की मदद करने वाले ये दोनों युवक विशेष बधाई के पात्र हैं और पार्टी उन्हें सम्मानित करेगी।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल और नसीहत
सुदेश महतो ने बच्चों की वापसी पर पुलिस, मीडिया और आम जनता का आभार जताया, लेकिन साथ ही सरकार को आईना भी दिखाया। उन्होंने मुख्यमंत्री और डीजीपी को नसीहत देते हुए कहा कि पुलिस को सिर्फ हाई-प्रोफाइल मामलों में नहीं, बल्कि हर वक्त ऐसी ही सक्रियता दिखानी चाहिए।
अपराधियों का बढ़ा मनोबल: महतो ने ‘अनिल टाइगर हत्याकांड’ के आरोपी देवव्रत शाहदेव का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस की अक्षमता के कारण ऐसे अपराधी बेल पर बाहर आते हैं और फिर ‘पड़हा राजा सोमा मुंडा’ जैसी हत्याओं में शामिल हो जाते हैं। अगर पुलिस सख्त होती, तो अपराधियों का मनोबल इतना नहीं बढ़ता।
पूरे प्रदेश के लिए भावुक क्षण
सुदेश महतो ने कहा कि अंश और अंशिका का सुरक्षित मिलना उनके माता-पिता के साथ-साथ पूरे झारखंड प्रदेश के लिए एक सुखद अनुभूति है। उन्होंने इस अभियान में सहयोग देने वाले सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडिया के प्रयासों की सराहना की।
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