रांची: झारखंड का आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पूरी तरह से नारी शक्ति को समर्पित होगा। ‘मंइयाँ सम्मान, मंइयाँ उत्थान’ की थीम पर आधारित इस ‘अबुआ दिशोम बजट’ (Abua Dishom Budget) की रूपरेखा तैयार की जा रही है। यह जानकारी वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सोमवार को एफएफपी बिल्डिंग में आयोजित बैंकर्स के साथ बजट पूर्व गोष्ठी के दौरान दी।
बैंकों के जिम्मे 100 गांव, महिलाओं का होगा उत्थान
बैठक में सबसे अहम फैसला बैंकों की भागीदारी को लेकर हुआ। वित्त मंत्री ने बैंकर्स से आह्वान किया कि वे केवल वित्तीय लेन-देन तक सीमित न रहें, बल्कि सामाजिक दायित्व भी निभाएं। इस पर सहमति बनी कि राज्य के विभिन्न बैंक चालू वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 गांवों को गोद लेंगे। इन गोद लिए गए गांवों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विशेष योजनाएं चलाई जाएंगी।
रजत जयंती वर्ष में पेश होगा ‘यूनिक बजट’
वित्त मंत्री ने कहा कि चूंकि झारखंड अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर रहा है, इसलिए यह बजट ऐतिहासिक होगा। सरकार चाहती है कि यह बजट अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल बने। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का मुख्य उद्देश्य ‘नारी सशक्तिकरण’ है और ‘मंइयाँ सम्मान योजना’ इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। बैंकर्स सरकार के तीसरे संसाधन के रूप में इसमें बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
ऐप के जरिए मिले 1550 सुझाव
सरकार ने बजट को जन-जन से जोड़ने के लिए ‘अबुआ दिशोम बजट ऐप’ लॉन्च किया है। वित्त मंत्री ने बताया कि इस ऐप के माध्यम से अब तक आम जनता और विशेषज्ञों से 1550 से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं, जिन्हें बजट में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
बैठक में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अमरेंद्र प्रताप सिंह, वित्त सचिव (व्यय) अबू इमरान, और एसबीआई, एचडीएफसी, पीएनबी समेत कई बैंकों के वरीय अधिकारी मौजूद रहे।



