
सरस मेले में झारखंड की ग्रामीण दीदियों का जलवा, 14 स्टॉल से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा गांव का हुनर
Ranchi News: राष्ट्रीय सरस मेला 2026 में झारखंड की ग्रामीण महिलाओं ने अपने हुनर और उद्यमिता की झलक पेश की। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया गया। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की ओर से लगाए गए 14 स्टॉल के माध्यम से ग्रामीण उद्यमों और महिला कारोबारियों की भागीदारी को सामने लाया गया। मेले में झारखंड का दीदी कैफे भी आकर्षण का हिस्सा रहा।
इस आयोजन ने ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने और व्यापक बाजार तक पहुंचने का अवसर दिया। स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाएं अपने कौशल को कारोबार में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
स्वयं सहायता समूहों से कारोबार तक का सफर
झारखंड की ग्रामीण महिलाओं के लिए राष्ट्रीय सरस मेला अपने उत्पादों को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर बना। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय संसाधनों और अपने हुनर के आधार पर विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही हैं।
JSLPS के 14 स्टॉल के जरिए इन ग्रामीण उद्यमों को साझा मंच मिला। इससे महिला उद्यमियों के उत्पादों को नई पहचान देने और उनके कारोबार के लिए संभावित अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
राष्ट्रपति के स्वागत में शामिल हुईं ग्रामीण महिलाएं
मेले में झारखंड के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने राष्ट्रपति के स्वागत में भी भाग लिया। इसके अलावा, उन्होंने ‘लंच विद लखपति दीदी’ पहल में हिस्सा लिया।
राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में उनकी भागीदारी ने ग्रामीण महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को प्रमुखता से सामने रखा। इससे महिला उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रयासों को भी मंच मिला।
दीदी कैफे भी बना झारखंड की भागीदारी का हिस्सा
राष्ट्रीय सरस मेले में झारखंड की ओर से दीदी कैफे भी शामिल रहा। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए इस तरह की पहल आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने का माध्यम बन सकती है।
ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि स्वयं सहायता समूह केवल बचत और सामूहिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उत्पाद निर्माण, बिक्री और स्वरोजगार के जरिए आर्थिक गतिविधियों में भी भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पहल
राष्ट्रीय सरस मेला ग्रामीण उत्पादों को बाजार और पहचान दिलाने का मंच है। झारखंड की महिलाओं की भागीदारी से उनके हुनर और उद्यमों को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
महिला उद्यमियों को बाजार से जोड़ने, उत्पादों की पहचान बढ़ाने और कारोबार के अवसर उपलब्ध कराने जैसे प्रयास ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



