
नेमरा में रूपी सोरेन के संस्कार भोज को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 10 हजार से अधिक जवान तैनात
Ramgarh News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां स्वर्गीय रूपी सोरेन का दशकर्म शनिवार को रामगढ़ जिले के पैतृक गांव नेमरा में आयोजित किया जा रहा है। रविवार को संस्कार भोज का आयोजन होगा। दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं।
प्रशासन ने नेमरा क्षेत्र को 13 सुपर जोन और 42 सब-जोन में बांटा है। प्रत्येक सुपर जोन की जिम्मेदारी आईपीएस अधिकारी को सौंपी गई है, जबकि सब-जोन की कमान डीएसपी स्तर के अधिकारियों के पास होगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 10 हजार से अधिक जवानों की तैनाती की गई है।
ATS और झारखंड जगुआर की टीमें भी तैनात
सुरक्षा व्यवस्था में एटीएस की दो हिट टीमें, झारखंड जगुआर के पांच असॉल्ट ग्रुप के 135 जवान और रैपिड एक्शन पुलिस की दो कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा 60 इंस्पेक्टर, 300 दारोगा और एएसआई, 1,365 लाठी बल तथा 140 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नेमरा में मोबाइल टावर के पास बैरिकेडिंग की गई है। प्रशासन का ध्यान कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ लोगों की आवाजाही और यातायात को व्यवस्थित रखने पर है।
विशेष सुरक्षा व्यवस्था रविवार के संस्कार भोज से लेकर 19 अक्टूबर की सुबह तक लागू रहेगी।
दुर्गापूजा को लेकर भी राज्यभर में सतर्कता
नेमरा में विशेष सुरक्षा इंतजामों के साथ झारखंड के सभी 24 जिलों में दुर्गापूजा को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है। जैप, आईआरबी, एसआईआरबी और झारखंड जगुआर के जवानों को अलग-अलग जिलों में भेजा गया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रांची में सबसे अधिक 749 जवानों की तैनाती की गई है। त्योहारों और नेमरा में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
नेमरा से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन संभाल रहे राजकाज
पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पैतृक आवास नेमरा से राजकाज का काम भी संभाल रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास से करीब 200 मीटर पहले लोगों के लिए एक बड़ा पंडाल बनाया गया है। यहां मुख्यमंत्री समय निकालकर ग्रामीणों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याएं सुन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लोगों की शिकायतों का समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निपटारा केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि अपनी समस्या लेकर आने वाले किसी भी नागरिक को निराश होकर वापस न लौटना पड़े।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान
रूपी सोरेन के दशकर्म और संस्कार भोज में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा बलों की तैनाती, बैरिकेडिंग, पार्किंग और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया है। जोनवार अधिकारियों की तैनाती के जरिए भीड़ को नियंत्रित करने और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की तैयारी की गई है।



