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नेमरा में 16 से 18 अक्टूबर तक श्राद्धकर्म, विधि-व्यवस्था के लिए अधिकारियों की तैनाती

रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म को लेकर प्रशासन अलर्ट, नेमरा में 2 IAS समेत अधिकारी संभालेंगे व्यवस्था

Rupi Soren Shradh Karma: रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म में 2 IAS समेत 10 अधिकारी प्रतिनियुक्त

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दिवंगत माता रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित मुख्यमंत्री के पैतृक गांव में 16 से 18 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले कार्यक्रम के दौरान विधि-व्यवस्था संभालने के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारियों समेत कई प्रशासनिक पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

रूपी सोरेन, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी थीं। श्राद्धकर्म में राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी कर रहा है।

विधि-व्यवस्था के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी

श्राद्धकर्म के दौरान विधि-व्यवस्था की निगरानी के लिए रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के साथ IAS अधिकारी रवि शंकर शुक्ला और अनन्या मित्तल को वरीय प्रभारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है।

इसके अलावा रांची के एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राजेश्वर नाथ आलोक, जमशेदपुर के अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी और धनबाद के अपर समाहर्ता प्रदीप शुक्ला को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव परमेश्वर कुशवाहा और कृषि विभाग के उप सचिव बैद्यनाथ कामती की भी प्रतिनियुक्ति की गई है।

कई अंचलों और जिलों के अधिकारी भी तैनात

प्रशासनिक व्यवस्था के तहत कांके के अंचल अधिकारी अमित भगत, खलारी के अंचल अधिकारी प्रणव अंबष्ठ और तमाड़ के अंचल अधिकारी समरेश भंडारी को भी प्रतिनियुक्त किया गया है।

इसके अतिरिक्त हजारीबाग की जिला शिक्षा पदाधिकारी नीलम शर्मा और दुमका के जिला शिक्षा पदाधिकारी संजीत कुमार को भी कार्यक्रम की व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

16 से 18 अक्टूबर तक नेमरा में होगा श्राद्धकर्म

दिवंगत रूपी सोरेन का श्राद्धकर्म 16 से 18 अक्टूबर तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में आयोजित होगा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।

कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए अधिकारियों को विधि-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासनिक तैयारियों का उद्देश्य कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।

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