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PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप की मुश्किलें बरकरार, NIA और ED कोर्ट में लगातार हो रही पेशी

PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप के खिलाफ NIA और ED से जुड़े मामलों में लगातार सुनवाई जारी है।

PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप की मुश्किलें बरकरार, NIA और ED के मामलों में लगातार हो रही पेशी

 

रांची: झारखंड में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के सुप्रीमो दिनेश गोप के खिलाफ चल रहे मामलों में कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है। वर्तमान में पलामू जेल में बंद दिनेश गोप की NIA और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े मामलों में अदालत के समक्ष लगातार पेशी हो रही है।

 

दिनेश गोप को मई 2023 में नेपाल से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे झारखंड लाया गया और संबंधित मामलों में अदालत के समक्ष पेश किया गया। उसके खिलाफ उग्रवादी गतिविधियों, लेवी वसूली और कथित टेरर फंडिंग से जुड़े कई मामले जांच एजेंसियों के स्तर पर सामने आए हैं।

 

NIA और ED के मामलों में जारी है सुनवाई

 

दिनेश गोप से जुड़े मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अलग-अलग स्तर पर की गई है। NIA से जुड़े मामलों में कथित उग्रवादी गतिविधियों और लेवी वसूली से जुड़े आरोपों की जांच हुई, जबकि ED ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच की है।

 

इन मामलों में दिनेश गोप के अलावा उसकी दोनों पत्नियों सहित कई अन्य आरोपी भी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। अलग-अलग मामलों में आरोपियों की अदालत में पेशी और सुनवाई जारी है।

 

झारखंड में कई मामले दर्ज होने का दावा

 

दिनेश गोप झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा क्षेत्र के लापा मोरहाटोली का रहने वाला बताया जाता है। PLFI के नेतृत्व के दौरान उसके खिलाफ झारखंड के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में आपराधिक मामले दर्ज किए गए।

 

जांच एजेंसियों के मुताबिक, PLFI पर ठेकेदारों और कारोबारियों से लेवी वसूलने तथा उग्रवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के आरोप रहे हैं। कई मामलों में निर्माण स्थलों पर हमले, वाहनों और मशीनों को नुकसान पहुंचाने तथा लेवी नहीं देने पर धमकी देने के आरोप भी सामने आए।

 

कथित मनी लॉन्ड्रिंग की भी हुई जांच

 

ED की जांच में कथित तौर पर लेवी और रंगदारी से प्राप्त धन को विभिन्न माध्यमों से निवेश और ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई थी। एजेंसी ने इस मामले में दिनेश गोप के अलावा उसके करीबियों और अन्य आरोपियों से जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी जांच की।

 

जांच एजेंसियों का आरोप है कि कथित तौर पर अवैध तरीके से अर्जित रकम को शेल कंपनियों और अन्य माध्यमों से खपाने की कोशिश की गई। इन आरोपों पर अदालत में कानूनी प्रक्रिया जारी है।

 

नेपाल से हुई थी गिरफ्तारी

 

दिनेश गोप लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। मई 2023 में उसे नेपाल से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे दिल्ली के रास्ते रांची लाया गया और अदालत में पेश किया गया।

 

फिलहाल वह पलामू जेल में बंद है और उसके खिलाफ NIA तथा ED से जुड़े मामलों में सुनवाई आगे बढ़ रही है। मामलों में अदालत के अंतिम फैसले के बाद ही आरोपों पर अंतिम कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

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