
झारखंड में JPSC-JSSC की 22 परीक्षाएं रद्द, 23 परीक्षाओं की CID जांच; 2044 अफसर भी जांच के दायरे में
Ranchi: झारखंड सरकार ने JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। इनमें JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा और JSSC-CGL जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी शामिल हैं।
इसके अलावा 23 अन्य परीक्षाओं की जांच CID को सौंपी गई है। जांच पूरी होने तक इन परीक्षाओं से जुड़ी भर्ती प्रक्रिया को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। सरकार की इस कार्रवाई से भर्ती परीक्षाओं और पहले से नियुक्त अधिकारियों पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।
45 परीक्षाएं जांच और कार्रवाई के दायरे में
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक वर्ष 2010 की कॉमर्शियल टैक्स (सीमित) परीक्षा से लेकर अब तक कुल 45 परीक्षाएं इस कार्रवाई के दायरे में आ गई हैं।
इनमें 22 परीक्षाओं को रद्द किया गया है, जबकि अन्य परीक्षाओं की प्रक्रिया और उनमें सामने आए आरोपों की जांच की जाएगी।
2044 नियुक्त अफसरों पर भी असर
रद्द की गई परीक्षाओं में से चार ऐसी परीक्षाएं हैं, जिनकी पूरी चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और इनके आधार पर 2044 अधिकारियों की नियुक्ति हुई थी। सरकार के फैसले के बाद इन नियुक्तियों पर भी असर पड़ सकता है।
इन अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड और चयन प्रक्रिया की जांच महत्वपूर्ण होगी। सरकार का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की तह तक पहुंचना और जिम्मेदारी तय करना बताया जा रहा है।
23 परीक्षाओं की CID करेगी जांच
सरकार ने छह परीक्षाओं के क्रेडेंशियल की जांच CID को सौंपने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही 17 अन्य परीक्षाओं में अनियमितता के आरोपों की भी CID जांच कराई जाएगी।
जांच पूरी होने तक इन परीक्षाओं से संबंधित भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बहाल करने की कोशिश
लंबे समय से JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के लिए सरकार का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छात्रों और अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी, रिजल्ट में देरी और चयन प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं।
सरकार का कहना है कि युवाओं और आम लोगों का भर्ती व्यवस्था पर भरोसा बहाल करना प्राथमिकता है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का प्रस्ताव
JPSC और JSSC से जुड़े अनियमितता एवं कदाचार के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए सरकार हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का आग्रह करेगी।
इसका उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई को जल्द पूरा कराना और लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया को गति देना है।
JPSC-JSSC में बनेगा इंटरनल मॉनिटरिंग सेल
भर्ती प्रक्रिया की निगरानी मजबूत करने के लिए JPSC और JSSC में इंटरनल मॉनिटरिंग सेल बनाने का निर्णय लिया गया है। यह सेल परीक्षा प्रक्रिया की आंतरिक निगरानी करेगा और संभावित अनियमितताओं को समय रहते चिन्हित करने में मदद करेगा।
IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार कमेटी
सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार कमेटी का गठन किया है। कमेटी में अन्य अधिकारियों के साथ प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक को भी सदस्य बनाया जाएगा।
कमेटी को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा प्रक्रिया में आवश्यक सुधार लागू किए जाने की संभावना है।
सरकार के फैसले की बड़ी बातें
- 22 JPSC-JSSC परीक्षाएं रद्द
- 23 परीक्षाओं की CID जांच
- कुल 45 परीक्षाएं कार्रवाई के दायरे में
- 2044 नियुक्त अफसरों पर भी असर
- जांच पूरी होने तक कुछ भर्ती प्रक्रियाएं स्थगित
- फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का प्रस्ताव
- JPSC-JSSC में इंटरनल मॉनिटरिंग सेल बनेगा
- IAS अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार कमेटी
- कमेटी दो महीने में सौंपेगी रिपोर्ट
झारखंड की भर्ती व्यवस्था में सरकार की यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक मानी जा रही है। अब निगाहें CID जांच, रद्द परीक्षाओं के भविष्य और पहले से नियुक्त अधिकारियों की स्थिति पर टिकी हैं।



