
Sawan 2026: बाबा बैद्यनाथधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, 3 KM लंबी कतार; ‘बोल बम’ से गूंजा देवघर, अरघा से जलाभिषेक
Deoghar: सावन की शुरुआत के साथ ही विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथधाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। राजकीय श्रावणी मेला 2026 के पहले दिन बुधवार देर रात से ही कांवरियों और श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगनी शुरू हो गई थी। गुरुवार सुबह तक यह कतार करीब तीन किलोमीटर से अधिक लंबी हो गई। पूरा देवघर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा है।
श्रद्धालु क्यू कॉम्प्लेक्स, फुटओवर ब्रिज और प्रशासन की ओर से निर्धारित रूट से बाबा मंदिर पहुंच रहे हैं। गर्भगृह में प्रवेश के बजाय अरघा सिस्टम के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ पर जल अर्पित किया जा रहा है।
सुबह 3 बजे सरकारी पूजा के बाद शुरू हुआ जलार्पण
बाबा मंदिर में सुबह करीब तीन बजे सरदार पंडा गुलाबानंद झा द्वारा सरकारी पूजा संपन्न कराई गई। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण शुरू कर दिया गया। सुबह से ही मंदिर और आसपास के इलाकों में कांवरियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के साथ बाह्य अरघा की भी व्यवस्था की गई है, ताकि बुजुर्ग, दिव्यांग और असहाय श्रद्धालु आसानी से बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित कर सकें।
पूरे सावन बंद रहेगी स्पर्श पूजा
श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूरे एक महीने तक स्पर्श पूजा बंद रहेगी। श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश नहीं मिलेगा। भक्त अरघा के माध्यम से जलार्पण कर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन करेंगे।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पूरे सावन महीने में VIP दर्शन और विशेष पूजा की व्यवस्था भी बंद रखी गई है, ताकि आम श्रद्धालुओं को जलार्पण और दर्शन में परेशानी न हो।
पहली सोमवारी पर और बढ़ सकती है भीड़
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन को पहली सोमवारी पर श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसे देखते हुए भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सुबह से ही कांवरियों की कतार लगातार आगे बढ़ रही है। भगवा वस्त्र पहने कांवरिया ‘बोल बम’ का जयघोष करते हुए बाबा मंदिर की ओर बढ़ रहे हैं।
11 हजार पुलिसकर्मी तैनात, ड्रोन और AI कैमरों से निगरानी
श्रावणी मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में करीब 11 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जगह-जगह पुलिस चौकियां बनाई गई हैं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं।
भीड़ प्रबंधन के लिए ड्रोन कैमरों के साथ AI आधारित कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। भीड़ अधिक होने वाले स्थानों की पहचान कर कंट्रोल रूम को सूचना भेजी जा रही है, जिसके आधार पर पुलिस और प्रशासन की टीम आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
बिहार-झारखंड बॉर्डर पर श्रद्धालुओं की होगी गिनती
दुम्मा स्थित बिहार-झारखंड सीमा पर हेड काउंटिंग मशीन लगाई गई है। इसके अलावा बस, ट्रेन और अन्य माध्यमों से देवघर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का आकलन भी आधुनिक तकनीक की मदद से किया जा रहा है।
प्रशासन का उद्देश्य मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का सही आकलन कर उसी के अनुसार सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को संचालित करना है।
कांवरियों के लिए टेंट सिटी और ‘इंद्र वर्षा’
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टेंट सिटी भी बनाई गई है, जहां करीब 800 कांवरियों के विश्राम की व्यवस्था है। गर्मी और उमस से राहत दिलाने के लिए कई स्थानों पर पानी के फव्वारे के रूप में ‘इंद्र वर्षा’ की व्यवस्था की गई है।
श्रावणी मेले के पहले ही दिन उमड़ी भारी भीड़ से पूरा देवघर शिवमय हो गया है। बाबा बैद्यनाथ मंदिर से लेकर कांवरिया पथ तक हर ओर भगवा रंग और ‘बोल बम’ के जयघोष सुनाई दे रहे हैं।



