
झारखंड पुलिस मुख्यालय ने मांगा प्रथम अनुपूरक बजट का ब्योरा, चुनाव खर्च के लंबित बिलों पर भी फोकस
Ranchi: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक बजट की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस विभाग की विभिन्न इकाइयों, क्षेत्रीय कार्यालयों और प्रशिक्षण केंद्रों से अतिरिक्त बजट की आवश्यकता से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव मांगे गए हैं। मुख्यालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक मिली राशि और उसके वास्तविक खर्च का आकलन करने के बाद ही अतिरिक्त राशि की मांग भेजी जाए।
वास्तविक खर्च के आधार पर मांगा जाएगा अतिरिक्त बजट
डीआईजी बजट की ओर से जारी निर्देश में पुलिस विभाग की वित्तीय जरूरतों का सटीक आकलन करने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी मद में अतिरिक्त राशि की मांग करने से पहले यह स्पष्ट किया जाए कि पहले कितनी राशि प्राप्त हुई, उसमें से कितना खर्च हुआ और वर्तमान में कितनी राशि उपलब्ध है।
मुख्यालय के मुताबिक, पूर्व में बजट प्राक्कलन और वास्तविक खर्च के बीच अंतर देखने को मिला है। इससे कुछ मदों में राशि बची रह जाती है, जबकि दूसरे मदों में अतिरिक्त राशि की जरूरत पड़ती है। इसी स्थिति से बचने के लिए इस बार मदवार जरूरतों का आकलन सावधानी से करने को कहा गया है।
वेतन और स्थापना व्यय का देना होगा पूरा हिसाब
पुलिस की सभी संबंधित इकाइयों को वेतन एवं अन्य मदों के तहत स्थापना व्यय का विस्तृत ब्योरा निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
इसमें अब तक प्राप्त राशि, खर्च की गई राशि, उपलब्ध शेष राशि, आगे आवश्यक राशि और अतिरिक्त राशि की मांग का स्पष्ट औचित्य देना होगा। इसके आधार पर पुलिस मुख्यालय प्रथम अनुपूरक बजट के लिए प्रस्ताव तैयार करेगा।
लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लंबित बिलों पर फोकस
प्रथम अनुपूरक बजट में चुनाव के दौरान हुए खर्च के लंबित बिलों के भुगतान को भी प्राथमिकता दी गई है। पुलिस मुख्यालय ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव से संबंधित खर्च का अलग-अलग विवरण मांगा है।
लोकसभा चुनाव के संबंध में पहले प्राप्त राशि, वास्तविक खर्च, बकाया राशि और अतिरिक्त आवश्यकता का विवरण देना होगा। इसी तरह विधानसभा चुनाव के दौरान विभिन्न मदों में हुए खर्च और लंबित भुगतान की जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी।
अतिरिक्त राशि की मांग के साथ देना होगा औचित्य
मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि केवल अतिरिक्त राशि की मांग भेजना पर्याप्त नहीं होगा। संबंधित इकाइयों को यह भी बताना होगा कि राशि की जरूरत किस कार्य या मद के लिए है और वर्तमान आवंटन उस आवश्यकता को पूरा करने के लिए क्यों पर्याप्त नहीं है।
इस कवायद का उद्देश्य पुलिस विभाग के प्रथम अनुपूरक बजट को वास्तविक वित्तीय जरूरतों के अनुरूप तैयार करना और उपलब्ध सरकारी राशि का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।



