
पूर्व मंत्री माधवलाल सिंह का निधन, झारखंड की राजनीति में शोक की लहर
Ranchi: झारखंड के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री माधवलाल सिंह का मंगलवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और रांची के बरियातू स्थित पल्स अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्होंने सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर अंतिम सांस ली।
बताया जा रहा है कि तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बोकारो से बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया था। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
चार बार रहे गोमिया के विधायक
माधवलाल सिंह झारखंड की राजनीति के दिग्गज नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने गोमिया विधानसभा क्षेत्र का चार बार प्रतिनिधित्व किया। वे वर्ष 1985, 1990, 2000 और 2009 में विधायक चुने गए थे।
बिहार से लेकर झारखंड बनने तक वे लगातार जनसरोकार के मुद्दों को उठाते रहे और आम लोगों की आवाज बने रहे। उन्होंने बिहार सरकार और झारखंड सरकार दोनों में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली थी।
जननेता की थी पहचान
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक माधवलाल सिंह की पहचान हमेशा एक साफ-सुथरी और ईमानदार नेता के रूप में रही। मंत्री रहने के बावजूद उनका जीवन बेहद सादगीपूर्ण था।
गोमिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों में उनकी मजबूत पकड़ थी। लोग उन्हें सिर्फ नेता नहीं, बल्कि अपना अभिभावक मानते थे। क्षेत्रीय मुद्दों, ग्रामीण समस्याओं और जनआंदोलनों में उनकी सक्रिय भूमिका हमेशा चर्चा में रही।
समर्थकों में शोक
पूर्व मंत्री के निधन की खबर मिलते ही अस्पताल और उनके आवास पर समर्थकों और शुभचिंतकों की भारी भीड़ जुट गई। हर ओर शोक का माहौल है।
राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने उनके निधन को झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।



