Iran US Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुँच गया है। ट्रंप ने एक बार फिर कड़े लहजे में ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सोमवार तक कोई समझौता (डील) नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान के तेल संसाधनों पर कब्जा करने और उसके बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए तैयार है।
“डील करो या सब कुछ खो दो”: Iran US Conflict
ट्रंप ने ‘फॉक्स न्यूज’ के साथ बातचीत में दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत जारी है और सोमवार तक किसी ठोस समझौते की पूरी संभावना है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान जल्द से जल्द समझौते की मेज पर नहीं आता है, तो उनके पास सैन्य कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। उन्होंने कहा “अगर वे कोई डील नहीं करते हैं, तो मैं सब कुछ तबाह करके तेल पर कब्जा करने के बारे में सोच रहा हूँ।”
‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’: Iran US Conflict
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट साझा की है। उन्होंने 7 अप्रैल (मंगलवार) को ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ घोषित कर दिया है। इसका सीधा अर्थ है कि यदि ईरान ने अमेरिका की शर्तें नहीं मानीं, तो अमेरिकी सेना ईरान के बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाएगी। ट्रंप का उद्देश्य ईरान की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन को पूरी तरह ठप करना है ताकि उसे झुकने पर मजबूर किया जा सके।
होर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र: Iran US Conflict
इस पूरे विवाद की जड़ में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। फरवरी 2026 में युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण सख्त कर लिया है।
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महत्व: दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है।
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संकट: ईरान द्वारा इस रास्ते को बाधित करने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर बुरा असर पड़ा है और कीमतें आसमान छू रही हैं।
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ट्रंप की मांग: ट्रंप ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए ईरान को सख्त निर्देश दिया है कि वे इस ‘स्ट्रेट’ को तुरंत खोल दें, अन्यथा वे “नर्क” जैसी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहें।
बदलती समय-सीमा: रणनीति या कूटनीति?
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने समय-सीमा तय की है। पिछले कुछ हफ्तों में ट्रंप ने कई बार अल्टीमेटम दिए और फिर उन्हें बढ़ाया:
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21 मार्च: सबसे पहले ईरान को केवल 48 घंटे का समय दिया गया।
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26 मार्च: समय-सीमा को 10 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया, यह कहते हुए कि बातचीत सकारात्मक चल रही है।
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5 अप्रैल: ताजा धमकी के साथ अब सोमवार (6 अप्रैल) और मंगलवार (7 अप्रैल) को निर्णायक दिन बताया गया है।
अब पूरी दुनिया की नजरें सोमवार को होने वाली संभावित डील पर टिकी हैं। क्या ईरान दबाव में झुकेगा, या मध्य पूर्व एक बड़े भीषण युद्ध की ओर बढ़ेगा?



