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Prashant Kishor की ‘बिहार नवनिर्माण यात्रा’ शुरू; बगहा से मोदी-नीतीश को घेरा- “महिलाओं को 2-2 लाख दीजिए”

चुनावी हार के बाद फिर सक्रिय हुए पीके: बगहा से किया यात्रा का शंखनाद, बोले- "वादा खिलाफी हुई तो जनता के साथ उतरेंगे सड़क पर"

बगहा/पश्चिम चंपारण: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली हार के बाद जन सुराज पार्टी के सूत्रधार Prashant Kishor (PK) एक बार फिर जनता के बीच पहुँच गए हैं। रविवार को उन्होंने पश्चिम चंपारण जिले के बगहा से अपनी ‘बिहार नवनिर्माण यात्रा’ की शुरुआत की। इस यात्रा के माध्यम से पीके राज्य के सभी जिलों का दौरा करेंगे और अपनी पार्टी के संगठन को नए सिरे से पुनर्गठित करेंगे।

“2-2 लाख का वादा याद है न?”- Prashant Kishor

 

 

बगहा में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चुनावी वादों की याद दिलाते हुए कहा:

  • रोजगार योजना पर सवाल: “चुनाव से पहले एनडीए सरकार ने महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 2-2 लाख रुपये देने का वादा किया था। अब समय आ गया है कि सरकार इस वादे को पूरा करे।”

  • चुनावी स्टंट का आरोप: पीके ने कहा कि अगर महिलाओं के खाते में यह राशि नहीं पहुँचती है, तो यह साफ हो जाएगा कि यह घोषणा केवल वोट बटोरने के लिए की गई एक ‘चुनावी चाल’ थी।

  • आंदोलन की चेतावनी: उन्होंने पीएम मोदी और सीएम नीतीश से अपील की कि वे जल्द से जल्द महिलाओं को यह राशि प्रदान करें, अन्यथा जन सुराज पार्टी जनता के साथ मिलकर राज्यव्यापी आंदोलन करेगी।

संगठन का होगा ‘कायाकल्प’

 

प्रशांत किशोर ने अपनी यात्रा के मुख्य उद्देश्यों को साझा करते हुए बताया कि वे पार्टी को जमीनी स्तर पर फिर से खड़ा करना चाहते हैं:

  1. जिलों का दौरा: वे बिहार के हर जिले में जाकर कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे।

  2. नया ढांचा: पुराने साथियों को एकजुट करने के साथ-साथ संगठन में नए और ऊर्जावान चेहरों को जोड़ा जाएगा।

  3. जनादेश का सम्मान: पीके ने कहा कि जनता ने एनडीए को सत्ता, आरजेडी को विपक्ष और जन सुराज को ‘जनता के मुद्दों पर लड़ने’ की जिम्मेदारी दी है, जिसे वे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट में भी जारी है जंग

 

  • गौरतलब है कि एक तरफ प्रशांत किशोर सड़कों पर उतर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनकी पार्टी ने 2025 के चुनाव परिणामों को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी है। उन्होंने डीबीटी (DBT) के जरिए पैसे भेजने को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए चुनाव रद्द करने की मांग की है।

“बिहार की जनता ने सबकी भूमिका तय कर दी है। हमें समाज के बीच रहकर उनके हक की लड़ाई लड़ने का आदेश मिला है। हम चुप बैठने वाले नहीं हैं, हर जिले में जाकर संगठन को अभेद्य बनाएंगे।” — प्रशांत किशोर, सूत्रधार, जन सुराज

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