
पटना: पूर्णिया के सांसद Pappu Yadav (राजीव रंजन) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 31 साल पुराने एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी के बाद, रविवार को उन्हें पटना के पीएमसीएच (PMCH) अस्पताल के कैदी वार्ड से बेऊर जेल शिफ्ट कर दिया गया है। डॉक्टरों द्वारा स्वास्थ्य में सुधार की पुष्टि के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया। अब सबकी नजरें सोमवार को पटना के एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में होने वाली जमानत याचिका पर सुनवाई पर टिकी हैं।
हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच हुई थी गिरफ्तारी
पप्पू यादव को 6 जनवरी की आधी रात को उनके मंदिरी स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के वक्त घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला:
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बहस और हंगामा: सांसद और उनके समर्थकों ने वारंट को लेकर पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस की।
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अस्पताल का चक्कर: गिरफ्तारी के बाद उन्हें आईजीआईएमएस और फिर सीने में दर्द की शिकायत पर इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान ले जाया गया।
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न्यायिक हिरासत: शनिवार को कोर्ट में पेशी के बाद अदालत ने उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए पीएमसीएच में रखा गया था।
1995 का मामला: क्या है आरोप?
यह पूरा विवाद पटना के पुनाईचक स्थित एक मकान से जुड़ा है:
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मकान कब्जा: मकान मालिक विनोद बिहारी लाल ने 1995 में आरोप लगाया था कि उनके किराएदार ने पप्पू यादव के करीबियों को मकान दे दिया, जहाँ राजनीतिक कार्यालय चलाया जाने लगा।
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धोखाधड़ी और धमकी: पप्पू यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (पहले आईपीसी) की धारा 419, 420 (धोखाधड़ी), 448 (अतिचार), 506 (धमकी) और 120बी (साजिश) के तहत मुकदमा दर्ज है।
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लंबे समय से लंबित: पिछले 31 सालों से यह मामला कोर्ट में चल रहा था और पुलिस वारंट लेकर सांसद की तलाश में थी।
कल का दिन अहम
सांसद पप्पू यादव के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी है कि यह मामला दशकों पुराना है और उनकी सेहत ठीक नहीं है। सोमवार को होने वाली सुनवाई में यह तय होगा कि पप्पू यादव को जेल में ही रहना होगा या उन्हें जमानत पर रिहाई मिलेगी।
पप्पू यादव पर लगी मुख्य धाराएं
| धारा (BNS/IPC) | विवरण |
| 420 | धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति के लिए प्रेरित करना। |
| 448 | घर में जबरन प्रवेश (House-trespass)। |
| 506 | आपराधिक धमकी देना। |
| 120B | आपराधिक षड्यंत्र रचना। |



