Bihar Politics: बिहार विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए समय का अनूठा प्रबंधन देखने को मिला है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने बहस के लिए कुल चार घंटे (240 मिनट) का समय निर्धारित किया है, जिसे सदन के 243 विधायकों के बीच वितरित किया गया है। हालांकि, गणित को संतुलित करने के लिए सत्ताधारी गठबंधन के बड़े दलों को समय की मामूली कटौती का सामना करना पड़ा है।
प्रति विधायक 1 मिनट: समय का बँटवारा
स्पीकर ने सिद्धांततः प्रति विधायक 1 मिनट का समय आवंटित किया है। लेकिन 243 विधायकों के सदन में 240 मिनट की अवधि को एडजस्ट करने के लिए बीजेपी, जेडीयू और लोजपा-आर के कोटे से 1-1 मिनट का समय कम कर दिया गया है।अन्य छोटे दलों (CPM, BSP, IIP, RLM) को उनकी सदस्य संख्या के आधार पर 1 से 4 मिनट का समय मिला है।
बहस की शुरुआत और मुख्य वक्ता
बजट पेश होने के बाद मंगलवार को इस चर्चा की शुरुआत हुई। स्पीकर प्रेम कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि सार्थक चर्चा के लिए आवश्यकता हुई, तो बहस की अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पार्टी की ओर से धन्यवाद प्रस्ताव पर भाषण की शुरुआत की। जेडीयू के भगवान सिंह कुशवाहा, कांग्रेस के मनोहर प्रसाद सिंह और लोजपा-आर के राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता ने भी अपनी बात रखी। राज्यपाल के अभिभाषण पर यह बहस अब 5 फरवरी को दोबारा शुरू होगी, जिसमें शेष सदस्य अपनी बात रखेंगे।
सत्ता के गलियारों में चर्चा
सदन में आज का दिन काफी गहमागहमी भरा रहा। जहां एक ओर वित्त मंत्री ने ₹3.47 लाख करोड़ का भारी-भरकम बजट पेश किया, वहीं दूसरी ओर बाहुबली विधायक अनंत सिंह के शपथ ग्रहण और मुख्यमंत्री के पैर छूकर आशीर्वाद लेने की घटना भी चर्चा का विषय बनी रही।



