रांची/नई दिल्ली: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए Jharkhand Rail Budget 2026 का पिटारा खोल दिया। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में झारखंड को रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए 7,536 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। रेल मंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में ₹63,470 करोड़ की ऐतिहासिक परियोजनाएं चल रही हैं।
वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों की बौछार
झारखंड में रेल कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए सरकार ने आधुनिक ट्रेनों के बेड़े में बड़ा इजाफा किया है:
- वंदे भारत एक्सप्रेस: राज्य को 12 से अधिक वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिली है।
- अमृत भारत ट्रेनें: 4 अमृत भारत ट्रेनें पहले ही आवंटित हैं, जबकि 2 अन्य पर काम चल रहा है।
- नई कनेक्टिविटी: धनबाद-कोयंबटूर रूट पर अमृत भारत ट्रेन को मंजूरी दे दी गई है, जो जल्द ही पटरियों पर दौड़ेगी।
UAE के नेटवर्क से भी ज्यादा बिछी रेल लाइन
रेल मंत्री ने एक रोचक तुलना करते हुए बताया कि 2014 के बाद से झारखंड में करीब 1,400 किलोमीटर नई रेलवे लाइन बिछाई गई है। यह आंकड़ा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पूरे रेल नेटवर्क से भी कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि जो परियोजनाएं दशकों से लंबित थीं, अब उनकी डीपीआर (DPR) तैयार कर उन्हें तेजी से मंजूरी दी जा रही है।
अमृत स्टेशन योजना: 57 स्टेशनों का बदल रहा है चेहरा
राज्य के 57 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए ‘अमृत स्टेशन योजना’ के तहत चुना गया है।
- कुल बजट: स्टेशन पुनर्विकास पर ₹2,153 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।
- पूरे हो चुके काम: गोविंदपुर रोड, राजमहल, शंकरपुर, साहिबगंज, मधुपुर, गोड्डा, लोहरदगा और पिस्का स्टेशनों पर कायाकल्प का काम पूरा हो चुका है।
“झारखंड में ₹63,000 करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। हमारा लक्ष्य यात्री सुविधाओं और माल ढुलाई को वैश्विक स्तर पर ले जाना है।” — अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय रेल मंत्री
विकास को मिलेगी नई गति
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस भारी-भरकम बजट और नई ट्रेनों के परिचालन से न केवल आम यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि झारखंड के औद्योगिक विकास और माल ढुलाई (Freight) को भी जबरदस्त रफ्तार मिलेगी।



