दावोस/रांची: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF 2026) के मंच से झारखंड के कृषि और ग्रामीण उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के द्वार खुल गए हैं। CM Hemant Soren से दुनिया की दिग्गज रिटेल कंपनी लुलु ग्रुप (LuLu Group) के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर यूसुफ अली ने मुलाकात की। इस दौरान झारखंड के जैविक उत्पादों और हस्तशिल्प को वैश्विक स्तर पर पहुँचाने के लिए महत्वपूर्ण सहमति बनी है।
किसानों और सखी मंडलों को मिलेगा वैश्विक मंच
मुलाकात के दौरान यूसुफ अली ने झारखंड की समृद्ध कृषि और वन संपदा में गहरी रुचि दिखाई। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे:
- ग्लोबल आउटसोर्सिंग: लुलु ग्रुप झारखंड के कृषि उत्पादों, वनोत्पादों और जैविक वस्तुओं को आउटसोर्स कर अपने वैश्विक रिटेल नेटवर्क के माध्यम से दुनिया भर के बाजारों तक पहुँचाएगा।
- किसानों की आय में वृद्धि: इससे सीधे तौर पर राज्य के किसानों और स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को लाभ मिलेगा, जिन्हें उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य और बड़ा बाजार मिलेगा।
- वैल्यू चेन: ग्रुप ने उन उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई है जो उनके वैश्विक ‘वैल्यू चेन’ का हिस्सा बन सकते हैं।
झारखंड बनेगा लुलु ग्रुप का ‘प्राइमरी सप्लायर’
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का लक्ष्य झारखंड को लुलु ग्रुप का प्राथमिक आपूर्तिकर्ता (Primary Supplier) बनाना है।
- प्रतिनिधिमंडल का दौरा: इस संवाद को धरातल पर उतारने और उत्पादों के अध्ययन के लिए लुलु ग्रुप का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही झारखंड का दौरा करेगा।
- क्षमता निर्माण (Capacity Building): लुलु ग्रुप राज्य में उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में ‘कैपेसिटी बिल्डिंग’ के लिए भी सहयोग करेगा।
लुलु ग्रुप का व्यापक नेटवर्क
बता दें कि लुलु ग्रुप का प्रभाव पूरी दुनिया में हैI देश के 21 राज्यों में ग्रुप के बड़े रिटेल आउटलेट्स और मॉल्स मौजूद हैं। दुनिया भर में खाड़ी देशों (UAE, कतर, ओमान आदि) सहित कई अंतरराष्ट्रीय देशों में इनका विशाल नेटवर्क है।
“हमारा प्रयास है कि झारखंड के खेतों और जंगलों की शुद्धता दुनिया के हर कोने तक पहुँचे। लुलु ग्रुप के साथ यह साझेदारी हमारे सखी मंडलों और मेहनतकश किसानों की किस्मत बदलने वाली साबित होगी।”- मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन



