
दावोस (स्विट्जरलैंड): झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल World Economic Forum (WEF) 2026 में भाग लेने के लिए दावोस पहुंच चुका है।
दावोस में वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम के लिए झारखण्ड है तैयार।
झारखण्ड सरकार का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम-2026 में भाग लेने के लिए दावोस की यात्रा पर है। उक्त प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को #India पवेलियन परिसर स्थित झारखण्ड पवेलियन का भ्रमण और निरीक्षण किया।@JharkhandAtWEF pic.twitter.com/Db1z5Lm8PE— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) January 17, 2026
शनिवार (17 जनवरी 2026) को प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन पवेलियन परिसर में स्थित झारखंड पवेलियन का भ्रमण और अंतिम निरीक्षण किया। राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह झारखंड की इस वैश्विक मंच पर पहली और ऐतिहासिक भागीदारी है।
“Growth in Harmony with Nature”: झारखंड का मूल मंत्र
World Economic Forum 2026 का आयोजन 19 से 23 जनवरी तक होना है। झारखंड इस मंच पर “प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण विकास” की थीम के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
झारखंड पवेलियन के मुख्य आकर्षण और फोकस क्षेत्र:
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इलेक्ट्रिक मोबिलिटी: ईवी (EV) और ऑटोमोबाइल विनिर्माण के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना।
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ऊर्जा सुरक्षा और ट्रांजिशन: नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में राज्य की क्षमताओं का प्रदर्शन।
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क्रिटिकल मिनरल्स: लिथियम, तांबा और अन्य रणनीतिक खनिजों के खनन और प्रसंस्करण में निवेश।
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जैव-अर्थव्यवस्था (Bio-Economy): वनों और स्थानीय संसाधनों पर आधारित सतत आर्थिक मॉडल।
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महिला सशक्तिकरण: ‘मइयां सम्मान’ जैसी योजनाओं के माध्यम से समावेशी विकास का प्रदर्शन।
World Economic Forum: इंडियन पवेलियन में झारखंड की विशिष्ट पहचान
झारखंड पवेलियन के माध्यम से दुनिया भर के निवेशकों, नीति निर्माताओं और औद्योगिक घरानों को राज्य की “अनंत संभावनाओं” से रूबरू कराया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन स्वयं कई द्विपक्षीय बैठकों (Bilateral Meetings) और थीम आधारित सत्रों का नेतृत्व करेंगे।
वैश्विक मंच पर ‘जोहार’ की गूंज
झारखंड उन 10 भारतीय राज्यों में शामिल है, जो इस बार दावोस में भारत के संघीय ढांचे की ताकत दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य की प्राथमिकताओं और ‘एनर्जी ट्रांजिशन’ के ग्लोबल मॉडल को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें।
दावोस यात्रा के बाद प्रतिनिधिमंडल यूनाइटेड किंगडम (लंदन और ऑक्सफोर्ड) का भी दौरा करेगा, जहाँ मुख्यमंत्री ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ‘ब्लावटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट’ में व्याख्यान देंगे।
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