अमेरिका का बड़ा सैन्य ऑपरेशन: वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolás Maduro गिरफ्तार
डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान: 'घर में घुसकर' मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में घोषणा की है कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति Nicolás Maduro और उनकी पत्नी को एक सैन्य ऑपरेशन के दौरान पकड़ लिया है।
ट्रंप ने इसे एक “असाधारण रात्रिकालीन अभियान” बताया। यह कार्रवाई शुक्रवार देर रात वेनेजुएला पर किए गए बड़े पैमाने पर हमले के बाद हुई है।
$2.5 करोड़ का था इनाम: आखिर क्यों पीछे पड़ा था अमेरिका?
निकोलस मादुरो लंबे समय से अमेरिका की ‘मोस्ट वॉन्टेड’ लिस्ट में थे। अमेरिका ने उनके ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं:
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नार्को-टेररिज्म: अमेरिका का आरोप है कि मादुरो ड्रग तस्करी और आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं।
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मानवाधिकार उल्लंघन: उनके शासनकाल में विपक्ष को दबाने और मानवाधिकारों के हनन के आरोप लगे।
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चुनावी धांधली: अमेरिका और कई अन्य देशों ने मादुरो की चुनावी जीत को कभी मान्यता नहीं दी।
इनाम का इतिहास: साल 2020 में अमेरिका ने मादुरो पर 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम रखा था, जिसे जनवरी 2025 में बढ़ाकर 2.5 करोड़ डॉलर (लगभग 210 करोड़ रुपये) कर दिया गया था।
कौन हैं Nicolás Maduro? (बस ड्राइवर से राष्ट्रपति तक का सफर)
1962 में जन्मे मादुरो ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत एक बस ड्राइवर और ट्रेड यूनियन नेता के रूप में की थी।
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शावेज के करीबी: वह पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज के सबसे भरोसेमंद साथी थे।
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सत्ता का सफर: वह 2006 से 2013 तक विदेश मंत्री और फिर उपराष्ट्रपति रहे।
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विवादास्पद शासन: 2013 में शावेज की मौत के बाद वे राष्ट्रपति बने। उनका कार्यकाल आर्थिक तबाही, भारी महंगाई और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के लिए जाना जाता है।
वेनेजुएला की प्रतिक्रिया: ‘हमें जीवित होने का सबूत चाहिए’
इस सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला में अफरा-तफरी का माहौल है। देश की उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिग्ज ने कहा है कि उन्हें राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी की स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर मांग की है कि अमेरिका उनके जीवित होने का सबूत पेश करे।



