TrendingCrimeHeadlinesJharkhandPoliticsStates

Kharsawan Golikand: शहीदों के परिवारों को मिलेगा सम्मान, CM हेमंत सोरेन ने किया कमेटी गठन का ऐलान

खरसावां: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नए साल के पहले दिन (1 जनवरी 2026) खरसावां शहीद (Kharsawan Golikand) स्थल पहुँचकर उन वीर आदिवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जो 1948 में आज ही के दिन पुलिस की गोलियों का शिकार हुए थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि खारसावां शहीदों के आश्रितों की पहचान के लिए जल्द ही एक विशेष समिति बनाई जाएगी।

Kharsawan Golikand: गुआ गोलीकांड की तर्ज पर मिलेगा सम्मान

मुख्यमंत्री ने शहीदों के गौरव को बहाल करने का संकल्प लेते हुए कहा कि खरसावां के शहीदों के परिवारों को भी ठीक उसी तरह सम्मानित और सहायता प्रदान की जाएगी, जैसे 8 सितंबर 1980 के गुआ गोलीबारी कांड के शहीदों के परिवारों को दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन नायकों के बलिदान के कारण ही आज आदिवासी समाज का अस्तित्व बचा हुआ है।

Kharsawan Golikand: शहीदों के परिवारों को मिलेगा सम्मान, CM हेमंत सोरेन ने किया कमेटी गठन का ऐलान
Kharsawan Golikand: शहीदों के परिवारों को मिलेगा सम्मान, CM हेमंत सोरेन ने किया कमेटी गठन का ऐलान

क्या था 1948 का Kharsawan Golikand?

  • विरोध का कारण: 1 जनवरी 1948 को सैकड़ों आदिवासी खरसावां हाट मैदान में सरायकेला-खरसावां के ओडिशा में विलय के विरोध में जुटे थे।

  • प्रमुख मांग: वे एक अलग झारखंड राज्य और अपनी ‘जल, जंगल, जमीन’ की रक्षा की मांग कर रहे थे।

  • शहादत: इसी दौरान पुलिस ने निहत्थे आदिवासियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शहीद हुए थे।

Kharsawan Golikand: शहीद स्थल का होगा भव्य विकास

शहीद स्थल के अक्सर बंद रहने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यहाँ वर्तमान में निर्माण कार्य चल रहा है।

“हम इस स्थल को एक यादगार स्मारक के रूप में विकसित कर रहे हैं। इसे जल्द ही जनता के लिए खोल दिया जाएगा। हम नहीं चाहते कि इस पवित्र स्थान का दुरुपयोग हो। आदिवासियों के इन नायकों की स्मृति को कभी मिटने नहीं दिया जाएगा।”

आदिवासी योद्धाओं पर गर्व है: CM

हेमंत सोरेन ने कहा कि आदिवासी समुदाय को अपने उन योद्धाओं पर गर्व है जिन्होंने समुदाय के अधिकारों के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि शहीदों को न तो कभी भुलाया जा सकता है और न ही उनकी यादें फीकी पड़ने दी जाएंगी।

Tags Kharsawan Martyrs , Hemant Soren , Jharkhand News , Tribal History , Kharsawan Massacre 1948 , Shaheed Sthal , Committee for Martyrs , Jharkhand Politics , Gua Shootout

यह भी पढ़े: CM Hemant Soren ने 1910 CGL अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button