
Ranchi: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासी नेता दिशोम गुरु के नाम से विख्यात Shibu Soren का मंगलवार को उनके पैतृक गांव रामगढ़ के नेमरा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
हर दिल में बसते हैं दिशोम गुरुजी… pic.twitter.com/vY5ca6R7LK
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) August 5, 2025
इस अवसर पर भारी जनसैलाब उमड़ा और श्रद्धालुओं ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी।
Shibu Soren News: अंतिम यात्रा की शुरुआत और सुरक्षा इंतजाम
रांची के मोरहाबादी स्थित सरकारी आवास से शुरू हुई उनकी अंतिम यात्रा विधानसभा पहुंची, जहां कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं राजनीतिक हस्तियां भावुक हो उठीं। सड़क मार्ग से नेमरा गांव तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
Shibu Soren News: मुखाग्नि और पारंपरिक रीति-रिवाज
जैसे ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी, हजारों लोगों ने “गुरुजी अमर रहें” के जयकारे लगाकर उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की। मुखाग्नि की रस्में पारंपरिक संथाली रीति-रिवाज के अनुसार हुईं, जिसमें शिबू सोरेन के दोनों पुत्र हेमंत और बसंत सोरेन परिवार के सदस्यों के साथ मौजूद थे।
Shibu Soren News: राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तियों की मौजूदगी
अंतिम यात्रा में राज्य के कई मंत्री, सांसद, विधायक, पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता, चीफ सेक्रेटरी अलका तिवारी, अनेक जिलाधिकारी, एसपी और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
निधन और विरासत
81 वर्ष के शिबू सोरेन का निधन सोमवार को नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में किडनी से संबंधित जटिलताओं के कारण हुआ था। उनका निधन झारखंड के आदिवासी और राजनीतिक इतिहास में एक युग के अंत जैसा माना जा रहा है। उनकी याद में आयोजित अंतिम संस्कार समारोह ने दिखा दिया कि वे कितने महत्वपूर्ण और लोकप्रिय नेता थे, जिनका झारखंड और देश की राजनीति में अमिट योगदान दर्ज है।



