Dalai Lama Birthday: पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, बताया प्रेम और करुणा का प्रतीक
तिब्बती धर्मगुरु के 90वें जन्मदिन पर भारत में प्रार्थनाएं, शिमला और धर्मशाला में समारोह

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के 90वें जन्मदिन (Dalai Lama Birthday) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
I join 1.4 billion Indians in extending our warmest wishes to His Holiness the Dalai Lama on his 90th birthday. He has been an enduring symbol of love, compassion, patience and moral discipline. His message has inspired respect and admiration across all faiths. We pray for his…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 6, 2025
उन्होंने लिखा कि दलाई लामा प्रेम, करुणा, धैर्य और नैतिक अनुशासन के प्रतीक हैं। पीएम ने भारत की 1.4 अरब जनता की तरफ से उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।
Dalai Lama Birthday: धर्मशाला और शिमला में समारोह
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला और शिमला में इस विशेष मौके पर व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए। डोरजिडक मठ में विशेष प्रार्थना हुई, वहीं धर्मशाला में आयोजित बड़े कार्यक्रम में बीजेपी और जेडीयू नेताओं ने भी भाग लिया। धर्मशाला दलाई लामा का मुख्य निवास स्थल है।
Dalai Lama Birthday: बचपन में ही पहचान ली गई थी दिव्यता
दलाई लामा का असली नाम तेनजिन ग्यात्सो है। उनका जन्म 6 जुलाई 1935 को तिब्बत के ताक्सर गांव में हुआ था। दो साल की उम्र में ही उन्हें 13वें दलाई लामा का पुनर्जन्म माना गया और 1940 में उन्हें तिब्बत का सर्वोच्च नेता घोषित किया गया।
Dalai Lama Birthday: क्या होता है ‘दलाई लामा’?
‘दलाई लामा’ एक मंगोलियाई शब्द है जिसका अर्थ होता है – ज्ञान का महासागर। बौद्ध मान्यता के अनुसार दलाई लामा, करुणा के बोधिसत्व का अवतार होते हैं जो मोक्ष को टालकर संसार में सेवा के लिए जन्म लेते हैं। तिब्बत में इन्हें सर्वोच्च धार्मिक और आध्यात्मिक नेता माना जाता है।
Dalai Lama Birthday: 1959 में चीन के दमन के बाद भारत में ली शरण
1950 में चीन ने तिब्बत पर हमला किया और 1959 में राष्ट्रीय विद्रोह को बर्बरता से कुचलने के बाद, दलाई लामा 80,000 से अधिक तिब्बतियों के साथ भारत आ गए। तभी से वे भारत में शरण लिए हुए हैं और शांति, करुणा और मानवता का संदेश पूरी दुनिया में फैला रहे हैं।
शांति और संवाद के पक्षधर
दलाई लामा को दुनियाभर में शांति और सहिष्णुता का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने हमेशा चीन के खिलाफ राजनीतिक विरोध से परहेज़ किया और संवाद व अहिंसा को प्राथमिकता दी। उनका मानना है कि इस दुनिया में सबसे अधिक ज़रूरत प्रेम, करुणा और धैर्य की है।



