
बिहार में नीतीश कुमार (Bihar Cabinet) की नई सरकार के मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे ने सियासी हलचल तेज कर दी है। बीजेपी कोटे के मंत्रियों में फेरबदल के चलते उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा समेत कई नेताओं का कद घटाया गया, जबकि कुछ नए चेहरों को महत्वपूर्ण पद मिले हैं।
Bihar Cabinet: विजय सिन्हा को झटका, मंगल पांडेय की बढ़ी ताकत
- विजय सिन्हा से पथ निर्माण विभाग छीन लिया गया, जिससे उनका प्रभाव कम हुआ है।
- मंगल पांडेय को स्वास्थ्य के साथ विधि विभाग भी सौंपा गया, जिससे उनका कद बढ़ गया।
- बीजेपी के अंदर चर्चा है कि विधानसभा चुनाव से पहले विजय सिन्हा की सियासी पकड़ कमजोर की जा रही है।
Bihar Cabinet: संतोष सुमन से आपदा प्रबंधन और IT विभाग छीना
- हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख संतोष सुमन से आपदा प्रबंधन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग वापस ले लिया गया।
- अब उनके पास सिर्फ लघु जल संसाधन विभाग रह गया है।
- इससे “हम” पार्टी का प्रभाव कम होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
Bihar Cabinet: बीजेपी कोटे के 2 मंत्रियों के पास 2-2 विभाग
- सम्राट चौधरी: वित्त एवं वाणिज्य कर विभाग।
- विजय सिन्हा: कृषि और खान एवं भूतत्व विभाग।
- इस फेरबदल के जरिए बीजेपी ने संतुलन बनाने की कोशिश की है।
Bihar Cabinet: जेडीयू कोटे में कोई बदलाव नहीं
- जेडीयू के मंत्रियों के विभाग जस के तस रखे गए।
- निर्दलीय सुमित कुमार सिंह का विभाग भी नहीं बदला गया।
- इससे साफ है कि बदलाव का असर सिर्फ बीजेपी और सहयोगी दलों तक सीमित रहा।
3 डिप्टी CM की अटकलें?
- चर्चा है कि भविष्य में बीजेपी की ओर से एक और डिप्टी CM बनाया जा सकता है।
- अगर ऐसा हुआ तो मंगल पांडेय या सम्राट चौधरी को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
नए मंत्रियों को मिले विभाग
| नाम | विभाग |
|---|---|
| जीवेश कुमार | नगर विकास एवं आवास |
| संजय कुमार सरावगी | राजस्व एवं भूमि सुधार |
| डॉ. सुनील कुमार | पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन |
| राजू कुमार सिंह | पर्यटन |
| मोतीलाल प्रसाद | कला, संस्कृति एवं युवा |
| विजय कुमार मंडल | आपदा प्रबंधन |
| कृष्ण कुमार मंटू | सूचना एवं प्रावैधिकी |
राजनीतिक संदेश और आगे की रणनीति
- इस फेरबदल से साफ है कि बीजेपी ने अपने मंत्रियों की भूमिका को नए सिरे से तय किया है।
- विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी अंदरूनी समीकरण मजबूत करना चाहती है।
- विजय सिन्हा को कमजोर करना और मंगल पांडेय का कद बढ़ाना इस रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।



