
Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भाजपा द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर करारा प्रहार किया है। झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि ट्रेजरी से अवैध निकासी का सिलसिला भाजपा के कार्यकाल में शुरू हुआ था, जिसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार अब बेनकाब करने जा रही है।
भाजपा के शासनकाल में फला-फूला घोटाला: JMM
विनोद पांडेय ने विपक्ष के आरोपों को निराधार और भ्रामक बताते हुए कहा:
-
विरासत में मिला भ्रष्टाचार: ट्रेजरी से अवैध निकासी का यह मामला 14 साल पुराना है, जो भाजपा सरकारों के दौरान शुरू हुआ और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में चरम पर था।
-
हेमंत सोरेन की हिम्मत: पांडेय ने कहा कि “वीर भूमि की मिट्टी के लाल” मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश देकर साहस दिखाया है।
-
चेहरा होगा बेनकाब: उन्होंने दावा किया कि हेमंत सरकार इस मामले की जड़ तक जाएगी और जल्द ही भाजपा के कई बड़े नेताओं के ‘चाल, चरित्र और चेहरे’ जनता के सामने बेनकाब होंगे।
वेतन भुगतान में देरी पर स्पष्टीकरण: “तकनीकी समस्या, आर्थिक संकट नहीं”
राज्य में सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान में हो रही देरी को लेकर फैल रहे भ्रम पर भी विनोद पांडेय ने स्थिति स्पष्ट की।
-
प्रक्रियागत कारण: उन्होंने कहा कि वेतन में देरी तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से हुई है, जो अक्सर वित्तीय वर्ष के इस समय देखी जाती है।
-
संवेदनशील सरकार: सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और इसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
-
वित्तीय प्रबंधन: भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन्होंने खुद वित्तीय अनुशासन को कमजोर किया, वे आज अनावश्यक शोर मचा रहे हैं।
पारदर्शिता और जवाबदेही की प्रतिबद्धता
JMM महासचिव ने अंत में कहा कि राज्य की जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं। वर्तमान सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर अडिग है और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भाजपा को अपने पुराने घोटाले याद करने की सलाह दी।



