झारखंड में 24 घंटे बिजली की तैयारी, वितरण सुधार पर 2855 करोड़ खर्च

बिजली संकट खत्म करने की तैयारी, गांव-शहर में होगा बड़ा सुधार

झारखंड में 24 घंटे बिजली की तैयारी: वितरण सुधार पर 2855 करोड़ खर्च, हर घर तक पहुंचाने का लक्ष्य

झारखंड में अब निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार ने कमर कस ली है। ऊर्जा विभाग ने इस साल एक बड़ी योजना तैयार की है, जिसके तहत करीब 2855 करोड़ रुपए खर्च कर राज्य की बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। सरकार का साफ लक्ष्य है—हर उपभोक्ता तक बिना रुकावट बिजली पहुंचाना।

जानकारी के मुताबिक, यह राशि जल्द ही झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) को ट्रांसफर की जाएगी और अप्रैल के बाद जमीनी स्तर पर काम शुरू होने की उम्मीद है। अभी राज्य में बिजली की उपलब्धता पर्याप्त है, लेकिन कमजोर वितरण सिस्टम के कारण लोगों को लगातार बिजली नहीं मिल पाती—अब इसी कड़ी को दुरुस्त किया जाएगा।


 किन कामों पर होगा फोकस?

इस बड़े बजट के तहत बिजली ढांचे को पूरी तरह अपग्रेड करने की योजना है। इसमें शामिल हैं:


 गांव-गांव तक बिजली: 450 करोड़ अलग

सरकार ने खास तौर पर उन गांवों, टोले और मोहल्लों पर फोकस किया है जहां अब तक बिजली पूरी तरह नहीं पहुंची। इसके लिए 450 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, ताकि “हर घर बिजली” का लक्ष्य पूरा हो सके।


अलग-अलग योजनाओं से मिलेगा सीधा फायदा

1. गुणवत्ता सुधार के लिए 600 करोड़ (RDSS योजना)
Revamped Distribution Sector Scheme के तहत स्मार्ट मीटरिंग, एबी केबलिंग, फीडर सेपरेशन और एटीएंडसी लॉस कम करने पर काम होगा।

2. गरीबों को राहत: 200 यूनिट मुफ्त बिजली
मुख्यमंत्री ऊर्जा खुशहाली योजना के तहत गरीब और ग्रामीण उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। इसके लिए सरकार 905 करोड़ रुपए सब्सिडी देगी।

3. ग्रामीण ढांचे पर 300 करोड़ खर्च
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत बचे गांवों का विद्युतीकरण, कृषि फीडर अलग करना और पुराने ट्रांसफार्मरों को अपग्रेड किया जाएगा।


 क्या बदलेगा?

अगर ये योजनाएं तय समय पर लागू होती हैं, तो झारखंड में बिजली कटौती की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। शहर हो या गांव—हर जगह 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में यह सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

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