
रांची: झारखंड की राजनीति में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश दौरे को लेकर उबाल आ गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने मुख्यमंत्री पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है।
झारखंड की उप राजधानी दुमका में मुख्यमंत्री द्वारा गणतंत्र दिवस के दिन झंडोत्तोलन किए जाने की परंपरा रही है, लेकिन हेमंत सोरेन जी ने लंदन में शॉपिंग करने के लिए इस परंपरा को भी तोड़ दिया।
हेमंत जी विदेशी दौरे पर जनता की गाढ़ी कमाई लुटा रहे हैं। निवेशक को आकर्षित नहीं कर पाए,… pic.twitter.com/LJVBLlZmWI
— Babulal Marandi (@yourBabulal) January 25, 2026
मरांडी ने कहा कि 26 जनवरी को उप-राजधानी दुमका में मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वज न फहराना गणतंत्र दिवस और संविधान का घोर अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पूरा देश गणतंत्र दिवस की तैयारियों में जुटा है, तब राज्य के मुख्यमंत्री और शीर्ष अधिकारी लंदन की सड़कों पर ‘सैर-सपाटा’ और खरीदारी में व्यस्त हैं।
‘बालू-कोयला की कमाई लंदन में लुटा रहे मुख्यमंत्री’: Babulal Marandi
बाबूलाल मरांडी ने बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि अंग्रेज लंदन से आकर भारत को लूटते थे, लेकिन आज झारखंड के मुख्यमंत्री लंदन जाकर राज्य की गरीब जनता का पैसा लुटा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बालू, पत्थर और कोयले की अवैध कमाई को विदेश में खर्च किया जा रहा है।
मरांडी ने सवाल उठाया कि जब दावोस का कार्यक्रम 23 जनवरी को ही खत्म हो गया और अन्य राज्यों के प्रतिनिधि वापस लौट आए, तो झारखंड के मुख्यमंत्री और अधिकारी अपनी पत्नियों के साथ लंदन में क्यों रुके हुए हैं? उन्होंने राज्य सरकार से इस दौरे के एक-एक पैसे का हिसाब और यात्रा का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की।
‘टाटा और जिंदल के साथ एमओयू मात्र दिखावा’: Babulal Marandi
दावोस में हुए समझौतों को भी बाबूलाल मरांडी ने जनता की आंखों में धूल झोंकना बताया। उन्होंने कहा कि टाटा और जिंदल के साथ जो एमओयू (MoU) दावोस में किए गए, वे रांची में भी हो सकते थे। उन्होंने दावा किया कि टाटा का प्रोजेक्ट ‘ऑन गोइंग’ (पहले से चल रहा) था और 5 साल से लंबित एक कार्य की स्वीकृति देने के बदले कंपनी पर दबाव डालकर दावोस में एमओयू कराया गया।
मरांडी ने कहा कि जो लोग सदन और सड़क पर संविधान की किताब लहराते हैं, वे आज राष्ट्रीय पर्व की मर्यादा भूल गए हैं। जनता इस ‘दिखावे की राजनीति’ को समझ चुकी है।
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