रांची: झारखंड में 2026 के नगर निकाय चुनाव (Jharkhand Municipal Election) के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने कमर कस ली है। अब तक गांवों और आदिवासियों की पार्टी मानी जाने वाली JMM अब शहरों में भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी में है। इसके लिए पार्टी ने ‘एक वार्ड, एक प्रत्याशी’ का कड़ा फॉर्मूला अपनाया है।
क्या है JMM की नई रणनीति?
वोट बंटवारा रोकना: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया है कि एक वार्ड से पार्टी समर्थित एक ही कार्यकर्ता चुनाव मैदान में उतरेगा। इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जिला और नगर कमेटियों को दी गई है। पार्टी का लक्ष्य भाजपा और कांग्रेस के परंपरागत शहरी वोट बैंक में अपनी जगह बनाना है। इसके लिए रांची के सभी 53 वार्डों में कमेटियां गठित कर ली गई हैं। टिकट वितरण में स्थानीय लोकप्रियता, साफ छवि और सामाजिक समीकरण (आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक, महिला) को प्राथमिकता दी जाएगी।
गठबंधन के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में JMM
गठबंधन के साथ मैदान में उतरने की तैयारी JMM केवल अपने दम पर नहीं, बल्कि ‘इंडिया गठबंधन’ (कांग्रेस और राजद) के साथ मिलकर भाजपा को चुनौती देने की फिराक में है। मेयर और नगर अध्यक्ष पदों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पार्टी महासचिव विनोद पांडेय का दावा है कि सीएम के कामकाज के चलते शहरी क्षेत्रों में भी JMM का जनाधार तेजी से बढ़ा है।



