Yogendra Saw Expelled: कांग्रेस से 3 साल के लिए निष्कासित योगेंद्र साव बोले- राहुल गांधी के लिए काम करता रहूंगा
रांची: झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव को पार्टी से तीन साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ टिप्पणी और हजारीबाग के खास महल जमीन विवाद को लेकर दिए गए बयान के बाद कांग्रेस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद योगेंद्र साव ने कहा कि वह पार्टी से निष्कासित होने के बावजूद राहुल गांधी के लिए काम करते रहेंगे।
साव के मुताबिक, उन्होंने पार्टी की ओर से मांगे गए स्पष्टीकरण का जवाब दिया था, लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए झारखंड कांग्रेस के कुछ नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
निष्कासन के बाद भी राहुल गांधी से जुड़ाव का दावा
योगेंद्र साव ने कहा कि पार्टी से बाहर किए जाने के बावजूद राहुल गांधी के प्रति उनका समर्थन बना रहेगा। उन्होंने आने वाले दिनों में दिल्ली जाकर राहुल गांधी से मुलाकात करने की बात भी कही।
उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि निष्कासन के बाद भी वह राष्ट्रीय नेतृत्व से अपना राजनीतिक जुड़ाव बनाए रखना चाहते हैं। हालांकि, राहुल गांधी से उनकी प्रस्तावित मुलाकात को लेकर अभी किसी आधिकारिक कार्यक्रम की जानकारी सामने नहीं आई है।
झारखंड कांग्रेस के कुछ नेताओं पर लगाए आरोप
योगेंद्र साव ने झारखंड कांग्रेस के भीतर कुछ लोगों के सक्रिय होने का आरोप लगाया, जो उनके मुताबिक पार्टी को मजबूत करने के बजाय अपने हितों को प्राथमिकता देते हैं।
उन्होंने दावा किया कि कुछ नेता कांग्रेस के विस्तार के लिए काम करने के बजाय झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हितों को आगे बढ़ा रहे हैं। साव ने ऐसे लोगों के लिए ‘स्लीपर सेल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
हालांकि, ये आरोप योगेंद्र साव ने लगाए हैं और इनके समर्थन में स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए गए तथ्य इस खबर में उपलब्ध नहीं हैं।
तेली समाज के साथ राजनीतिक ताकत दिखाने के संकेत
निष्कासन के बाद योगेंद्र साव ने तेली समाज के लोगों के साथ मिलकर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की संभावना भी जताई है। उन्होंने व्यापक जनसमर्थन मिलने की उम्मीद व्यक्त की।
उनके इस बयान को पार्टी से निष्कासन के बाद अपनी राजनीतिक भूमिका बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, आगे की रणनीति और किसी औपचारिक राजनीतिक पहल को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
सरकार की नीतियों पर बोलने की मिली सजा: योगेंद्र साव
योगेंद्र साव ने अपनी कार्रवाई को राजनीतिक असहमति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए कहा कि झारखंड में गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार या अधिकारियों के खिलाफ बोलने वालों पर कार्रवाई की जाती है, जबकि चापलूसी करने वालों को परेशानी नहीं होती। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं; इस मामले में सरकार और कांग्रेस नेतृत्व का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
खास महल जमीन विवाद से शुरू हुआ मामला
हजारीबाग के खास महल जमीन विवाद को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर योगेंद्र साव की टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। साव ने अपना जवाब सौंपा, लेकिन पार्टी ने उन्हें तीन साल के लिए निष्कासित करने का फैसला लिया।
अब इस कार्रवाई के बाद झारखंड कांग्रेस के भीतर विवाद और योगेंद्र साव की आगे की राजनीतिक रणनीति पर नजर रहेगी। उन्होंने राहुल गांधी के लिए काम करते रहने की बात कहकर राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति अपना समर्थन जताया है, जबकि प्रदेश संगठन के कुछ नेताओं पर उनके आरोपों ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है।
