हजारीबाग घटना पर सियासत तेज, पत्रकार सुरक्षा कानून की उठी मांग

पत्रकारों पर हमले के बाद कानून-व्यवस्था पर सवाल

हजारीबाग में पत्रकारों पर हमला: ‘लोकतंत्र पर सीधा प्रहार’, गिरफ्तारी और पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग तेज

झारखंड के हजारीबाग में पत्रकारों पर हुए हमले को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कोडरमा विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री Neera Yadav ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया है। उन्होंने राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग भी दोहराई है।


कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

डॉ. नीरा यादव ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री Irfan Ansari के बयान और व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए इसे सत्ता के अहंकार का प्रतीक बताया।


“पत्रकारों पर हमला, लोकतंत्र पर वार”

उन्होंने कहा कि यह घटना सिर्फ किसी एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है।
साथ ही पत्रकारों को लेकर दिए गए कथित बयानों को उन्होंने पूरे मीडिया जगत का अपमान बताया।


सरकार से तीखे सवाल

विधायक ने सवाल उठाया कि क्या अब झारखंड में सच बोलना भी अपराध बन गया है?
क्या सवाल पूछने वालों को इसी तरह दबाने की कोशिश की जाएगी?


गिरफ्तारी नहीं हुई तो सरकार पर आरोप

डॉ. नीरा यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो यह माना जाएगा कि हमले के पीछे सत्ता में बैठे लोगों का इशारा है।


उच्चस्तरीय जांच और सुरक्षा कानून की मांग

उन्होंने सरकार से मांग की:


पहले भी उठ चुकी है मांग

उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक इस पर ठोस पहल नहीं हुई है।


निष्कर्ष:
हजारीबाग की घटना ने एक बार फिर पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस तेज कर दी है। अब सबकी नजर सरकार की कार्रवाई पर टिकी है।

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