रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा की तैयारी तेज, नेमरा में प्रशासन ने संभाला मोर्चा

रूपी सोरेन का नेमरा के नाड़ी दरहा घाट पर राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार, तैयारियों में जुटा प्रशासन

रूपी सोरेन का नेमरा के नाड़ी दरहा घाट पर राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार, तैयारियों में जुटा प्रशासन

Ramgarh: दिवंगत झामुमो नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव नेमरा, रामगढ़ में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

बताया गया है कि पिछले वर्ष अगस्त में शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार भी इसी स्थल पर किया गया था। अब करीब एक साल बाद उनकी पत्नी रूपी सोरेन को भी नेमरा में अंतिम विदाई दी जाएगी।

रूपी सोरेन के निधन की सूचना के बाद रामगढ़ समेत पूरे झारखंड में शोक का माहौल है। जिला प्रशासन और पुलिस की टीम अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गई है।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां तेज

रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में वीआईपी, राजनीतिक नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

नेमरा गांव से लेकर अंतिम संस्कार स्थल तक यातायात व्यवस्था, सुरक्षा बलों की तैनाती और अन्य नागरिक सुविधाओं को व्यवस्थित किया जा रहा है।

रामगढ़ जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।

नाड़ी दरहा घाट पर दी जाएगी अंतिम विदाई

जानकारी के अनुसार, रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह करीब 11 बजे उनके पैतृक गांव नेमरा पहुंचेगा।

गांव पहुंचने के बाद पार्थिव शरीर को आम लोगों, समर्थकों और परिजनों के अंतिम दर्शन एवं श्रद्धांजलि के लिए रखा जाएगा। इसके बाद अंतिम यात्रा के जरिए पार्थिव शरीर को नाड़ी दरहा घाट ले जाया जाएगा।

यहीं राजकीय सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना

रूपी सोरेन को अंतिम विदाई देने के लिए झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और आम लोगों के नेमरा पहुंचने की संभावना है।

उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है।

प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार के दौरान भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

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