BREAKING: JSSC नियुक्ति रद्द करने के मामले में हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, JPSC पर सुनवाई कल
Ranchi: JPSC की CDPO भर्ती प्रक्रिया और JSSC-CGL समेत अन्य परीक्षाओं के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक रौशन की अदालत में हुई।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार, JSSC और मामले से जुड़े अन्य पक्षों की ओर से पेश की गई दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने JSSC से संबंधित याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
वहीं, JPSC से जुड़े मामले पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।
नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर रोक बरकरार
सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ताओं को पहले से मिली राहत को बरकरार रखा। इसके साथ ही राज्य सरकार की ओर से नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर लगी रोक फिलहाल जारी रहेगी।
अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के सुरक्षित फैसले पर टिकी हैं।
दोनों पक्षों की ओर से हुई लंबी बहस
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता और राज्य के पूर्व महाधिवक्ता राजीव रंजन के अलावा अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अमृतांश वत्स, कुमार हर्ष, सोनल तिवार और सुभाष रसिक सोरेन समेत अन्य अधिवक्ताओं ने अदालत में पक्ष रखा।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा और राज्य के महाधिवक्ता रोहितस्य रॉय ने दलीलें पेश कीं। JPSC की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल और उनके सहयोगी प्रिंस कुमार ने पक्ष रखा।
मामले में हस्तक्षेप याचिका (IA) दायर करने वालों की ओर से अधिवक्ता टी. सिंहदेव ने भी अदालत में अपना पक्ष रखा।
नियुक्त कर्मचारियों और अधिकारियों ने दी थी चुनौती
JPSC और JSSC की अलग-अलग परीक्षाओं के जरिए हुई नियुक्तियों को राज्य सरकार द्वारा रद्द किए जाने के बाद नियुक्त कर्मचारियों और अधिकारियों ने हाईकोर्ट का रुख किया था।
याचिकाकर्ताओं ने सरकार के नियुक्तियां रद्द करने के फैसले को चुनौती देते हुए अदालत से राहत की मांग की थी। अब तक की सुनवाई में उन्हें राहत मिली है और हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक बरकरार रखी है।
JPSC मामले पर सुनवाई कल
JSSC से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब JPSC से जुड़े मामले पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।
JSSC और JPSC से जुड़ी नियुक्तियों के मामले में हाईकोर्ट के अंतिम आदेश पर नियुक्त कर्मचारियों, अभ्यर्थियों और राज्य सरकार की नजर बनी हुई है।
