JPSC-JSSC विवाद: सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक वार्ता संपन्न, मांगों पर विचार का भरोसा; आंदोलन फिलहाल जारी
Ranchi: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले 14 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को राज्य सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच पहली औपचारिक वार्ता संपन्न हुई। रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में सरकार की ओर से चार मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जबकि छात्रों का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों के साथ वार्ता में शामिल हुआ।
बैठक समाप्त होने के बाद दोनों पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया। हालांकि छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मांगों पर विचार करेगी सरकार
वार्ता के बाद मीडिया से बातचीत में सरकार की ओर से शामिल मंत्रियों ने कहा कि छात्रों की सभी मांगों को गंभीरता से सुना गया है और उन पर विचार किया जाएगा।
वहीं छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार के साथ उनकी सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने अपनी सभी मांगें विस्तार से रखीं, जिस पर मंत्रियों ने विचार करने का आश्वासन दिया है।
हालांकि छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा और फिलहाल उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुई बैठक
शुक्रवार शाम प्रशासन की निगरानी में छात्र प्रतिनिधियों को तीन वाहनों से स्टेट गेस्ट हाउस लाया गया। शाम करीब 7:23 बजे सरकार का प्रतिनिधिमंडल बैठक स्थल पहुंचा, जबकि 7:45 बजे छात्रों का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए अंदर गया।
बैठक के दौरान स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। केवल अधिकृत प्रतिनिधियों को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई।
सरकार की ओर से शामिल रहे ये प्रतिनिधि
बैठक में सरकार की ओर से शामिल प्रतिनिधियों में—
- मंत्री दीपिका पांडे सिंह
- मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू
- मंत्री चमरा लिंडा
- मंत्री संजय यादव
- अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह
शामिल रहे।
छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रखा पक्ष
वार्ता में छात्रों की ओर से शामिल प्रतिनिधियों में—
- रवीन्द्र पासवान
- पीयूष कुमार
- राजेश प्रसाद
- नीतू कुजूर
- अंकित राज
- कार्तिक सोरेन
- शालू कुमारी
- रवींद्र कुमार रवि
- आनंद कुमार
- अंकित कुमार
ने सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखीं।
आगे की रणनीति पर सबकी नजर
सरकार और छात्रों के बीच हुई यह पहली औपचारिक वार्ता आंदोलन के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी की नजर सरकार के अगले फैसले और छात्रों की मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है। वहीं छात्र संगठनों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
