JPSC-JSSC आंदोलन: सरकार के जवाब का इंतजार, वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार; राहुल गांधी से CBI जांच की मांग

JPSC-JSSC Protest: छात्रों ने बनाई 11 सदस्यीय वार्ता समिति, राहुल गांधी से की CBI जांच की मांग

JPSC-JSSC आंदोलन: सरकार के जवाब का इंतजार, वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार; राहुल गांधी से CBI जांच की मांग

Ranchi: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के साथ बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन कर दिया है। छात्रों का कहना है कि सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव मिलने के बाद उन्होंने सकारात्मक रुख अपनाया है और प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों की सूची प्रशासन के माध्यम से सरकार को भेज दी गई है। हालांकि, देर रात तक वार्ता की तारीख, समय और स्थान को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली।

सरकार के जवाब का इंतजार

आंदोलनरत छात्रों ने बताया कि प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया था कि सरकार जल्द ही बातचीत की तिथि और स्थान की जानकारी देगी। छात्रों ने कहा कि वे संवाद के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जब तक कोई ठोस और सार्थक पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

राहुल गांधी से हुई बातचीत

छात्रों ने दावा किया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से उनकी ऑडियो कॉल पर बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों की बात ध्यान से सुनी और आंदोलन को गंभीरता से लिया। छात्रों ने उनके प्रति आभार भी व्यक्त किया।

CBI जांच और विवादित परीक्षाएं रद्द करने की मांग

बातचीत के दौरान छात्रों ने राहुल गांधी के सामने JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने और विवादित परीक्षाओं को रद्द कर निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाने की मांग रखी। छात्रों के अनुसार राहुल गांधी ने उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर सरकार से बात करेंगे।

आंदोलन को जन आंदोलन बनाने की चेतावनी

छात्रों ने कहा कि वे पिछले 13 दिनों से अपने अधिकारों और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो यह आंदोलन आगे चलकर जन आंदोलन का रूप ले सकता है।

7 अगस्त के विधानसभा मार्च से दूरी

छात्रों ने स्पष्ट किया कि 7 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च से उनका कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक और स्वतंत्र है। उन्होंने बताया कि उनका प्रस्तावित विधानसभा घेराव 10 अगस्त को होगा और किसी भी राजनीतिक दल के कार्यक्रम से उनका कोई संबंध नहीं है।

राजनीतिक समर्थन पर क्या बोले छात्र?

नेहा बोरा के आंदोलन में शामिल होने के सवाल पर छात्रों ने कहा कि जो भी व्यक्ति नैतिक समर्थन देने आता है, उसका स्वागत है, लेकिन वह आंदोलन का हिस्सा नहीं माना जाएगा। वहीं भाजपा के समर्थन को लेकर छात्रों ने कहा कि उन्हें केवल नैतिक समर्थन की जानकारी मिली है, लेकिन अब तक कोई औपचारिक पत्र या प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।

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