मां को अंतिम विदाई देते CM Hemant Soren, नम आंखों से नेमरा के लिए निकली अंतिम यात्रा

सारे ओहदे पीछे छूटे, मां को अंतिम विदाई देते नम आंखों से नेमरा के लिए निकले CM हेमंत सोरेन

सारे ओहदे पीछे छूटे, मां को अंतिम विदाई देते नम आंखों से नेमरा के लिए निकले हेमंत सोरेन

Ranchi: मां की अंतिम विदाई के वक्त मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बेहद भावुक नजर आए। रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर के पास बैठे हेमंत सोरेन के लिए इस मुश्किल घड़ी में मुख्यमंत्री का पद और तमाम राजनीतिक जिम्मेदारियां जैसे पीछे छूट गईं। सामने थी सिर्फ एक मां, जिसे बेटा अंतिम विदाई देने जा रहा था।

रूपी सोरेन के निधन के बाद गुरुवार को उनके पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा रांची के मोरहाबादी स्थित आवास से उनके पैतृक गांव नेमरा के लिए रवाना हुई।

मां के पार्थिव शरीर को कंधा दिया

अंतिम यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी मां रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। इस दौरान उनके चेहरे पर मां को खोने का गहरा दुख साफ नजर आया।

जिस मां की उंगली पकड़कर उन्होंने जीवन की शुरुआती राह तय की, उसी मां के पार्थिव शरीर को कंधा देकर हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव की ओर रवाना हुए।

मुख्यमंत्री से पहले एक बेटे का दुख

मां के पार्थिव शरीर के पास हेमंत सोरेन की खामोशी और भावुकता ने इस दुख की गहराई को बयां किया। सार्वजनिक जीवन में मुख्यमंत्री के तौर पर बड़ी जिम्मेदारियां निभाने वाले हेमंत सोरेन इस वक्त एक बेटे की भूमिका में नजर आए।

रूपी सोरेन के निधन ने सोरेन परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है। परिवार के सदस्यों, झामुमो नेताओं और समर्थकों के साथ बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए जुटे हैं।

नेमरा में होगी अंतिम विदाई

रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को रांची से उनके पैतृक गांव नेमरा, रामगढ़ ले जाया जा रहा है। यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

रूपी सोरेन झामुमो संस्थापक और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां थीं। उनके निधन से झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल है।

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