JPSC-JSSC विवाद पर BJP का बड़ा हमला: बाबूलाल मरांडी बोले- परीक्षाएं रद्द हों, CBI जांच के साथ जिम्मेदारों पर FIR दर्ज हो

JPSC-JSSC गड़बड़ी: बाबूलाल मरांडी ने की CBI जांच और परीक्षाएं रद्द करने की मांग

JPSC-JSSC विवाद पर BJP का सरकार पर हमला, बाबूलाल मरांडी बोले- परीक्षाएं रद्द हों, CBI जांच कर जिम्मेदारों पर हो FIR

Ranchi: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा एक बार फिर जोर-शोर से उठा। विधानसभा की कार्यवाही के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की।

परीक्षाएं रद्द करने की मांग

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना था कि JSSC-CGL, उत्पाद सिपाही भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ JPSC भर्ती प्रक्रिया में भी कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

उन्होंने मांग की कि जिन परीक्षाओं पर सवाल उठे हैं, उन्हें तत्काल रद्द कर निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत दोबारा आयोजित किया जाए।

जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि JPSC और JSSC से जुड़े अध्यक्ष, सदस्य, सचिव और परीक्षा नियंत्रक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि प्रथम दृष्टया अनियमितता के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

CBI जांच की मांग दोहराई

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह केवल भारतीय जनता पार्टी की मांग नहीं है, बल्कि हजारों अभ्यर्थियों की आवाज है, जो भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता चाहते हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग दोहराई।

CID जांच पर भी उठाए सवाल

मरांडी ने वर्तमान CID जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जांच अधिकारियों में बदलाव से जांच की निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सर्वदलीय बैठक और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में भी उठाया गया है और विपक्ष विधानसभा के भीतर और बाहर युवाओं के हितों की आवाज उठाता रहेगा।

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