तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दीपके और नेहा बोरा हिरासत में, कनॉट प्लेस में जुटे CJP समर्थक
नई दिल्ली: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले पुलिस की कार्रवाई को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस बीच, कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क के पास CJP समर्थक जुटे और पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिजीत दीपके तिरंगा मार्च में शामिल होने के लिए सेंट्रल पार्क की ओर जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। बताया गया है कि छह दिनों के भीतर यह दूसरी बार है, जब दीपके को हिरासत में लिया गया है।
छह दिनों में दूसरी बार हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके
रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले भी अभिजीत दीपके को विमान से हिरासत में लिया गया था। उन्हें अगले दिन छोड़ दिया गया था।
इस बार तिरंगा मार्च से पहले उनकी हिरासत के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि अभिजीत दीपके को केवल इसलिए हिरासत में लिया गया, क्योंकि वह राष्ट्रीय ध्वज लेकर निर्धारित स्थान की ओर जा रहे थे।
CJP ने दावा किया कि प्रशासन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने से डर है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
कनॉट प्लेस में जुटे समर्थक, पुलिस की गाड़ी रोकने का दावा
अभिजीत दीपके और नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क के आसपास समर्थकों के जुटने की सूचना है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कुछ समर्थकों ने पुलिस की गाड़ी रोकने की कोशिश की।
एक प्रदर्शनकारी महिला ने पुलिस पर घसीटने का आरोप भी लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जनपथ मेट्रो स्टेशन के गेट के बाहर कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। इलाके में पुलिस की तैनाती और बैरिकेडिंग के बीच प्रदर्शन जारी रहने की जानकारी सामने आई।
नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू होने का दावा
रिपोर्ट में बताया गया है कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। यह धारा संबंधित परिस्थितियों में प्रशासन को निषेधाज्ञा जारी करने का अधिकार देती है। ऐसी निषेधाज्ञा के तहत लोगों के जमावड़े और गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
हालांकि, इस मामले में लागू आदेश की सटीक शर्तों और तिरंगा मार्च को लेकर पुलिस के विस्तृत निर्देशों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
SIR को लेकर CJP की मांगों पर भी नजर
तिरंगा मार्च के दौरान CJP की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाई गई मांगें भी चर्चा में हैं। पार्टी ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन की योजना बनाई थी।
फिलहाल, अभिजीत दीपके और नेहा बोरा की हिरासत, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के आरोपों को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है। मामले में दिल्ली पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
